एमजीएम : डॉ बंदोपाध्याय को मौत के दो दिन बाद मिला डबल प्रमोशन

2008 में असिस्टेंट प्रोफेसर व 2013 में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर दी गयी प्रोन्नति सात जून को जारी हुई प्रोन्नति की अधिसूचना, 5 जून को रांची में हो गया था निधन जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में एनेस्थीसिया विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ डीपी बंदोपाध्याय को उनके निधन के दो दिन बाद दो प्रमोशन की अधिसूचना […]

2008 में असिस्टेंट प्रोफेसर व 2013 में एसोसिएट प्रोफेसर पद पर दी गयी प्रोन्नति

सात जून को जारी हुई प्रोन्नति की अधिसूचना, 5 जून को रांची में हो गया था निधन
जमशेदपुर : एमजीएम अस्पताल में एनेस्थीसिया विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ डीपी बंदोपाध्याय को उनके निधन के दो दिन बाद दो प्रमोशन की अधिसूचना जारी की गयी है. उन्हें पहला प्रमोशन 2008 में और दूसरा 2013 में मिलना था, लेकिन दोनों की अधिसूचना 2018 में जारी की गयी. अधिसूचना में डॉ बंदोपाध्याय को पिछले डेट से प्रमोशन दिया गया है. इससे पूर्व डॉ बंदोपाध्याय को 2015 में असिस्टेंट प्रोफेसर बनाया गया था.
एसोसिएट प्रोफेसर में प्रोन्नति के लिए पांच साल की अनिवार्यता को देखते हुए उनके असिस्टेंट प्रोफेसर की प्रोन्नति को 2008 से दर्ज किया गया. इसके बाद 2013 से उन्हें एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में प्रमोशन दिया गया. वरीयता क्रम में 2017 में डॉ बंदोपाध्याय को प्रोफेसर बन जाना चाहिए था. दोनों प्रोमोशन की अधिसूचना एक साथ 7 जून 2018 को जारी की गयी. हालांकि अधिसूचना जारी होने से दो दिन पूर्व 5 जून 2018 को इलाज के दौरान रांची में उनका निधन हो चुका था.
एमजीएम अस्पताल के डॉक्टरों का प्रमोशन वर्षों से लंबित था. एमसीआइ टीम की आपत्ति को देखते हुए आनन-फानन में डॉक्टरों को प्रमोशन दिया गया है. इसमें एनेस्थीसिया विभाग के डॉक्टर डीपी बंदोपाध्याय भी शामिल है. डॉ बंदोपाध्याय ने 2002 में एमजीएम अस्पताल के एनेस्थीसिया विभाग में ज्वाइन किया था. डॉ बंदोपाध्याय लीवर कैंसर से पीड़ित थे. पांच जून को इलाज के दौरान रांची में उनकी मौत हो गयी थी.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >