तालाब पर बने फ्लैट पानी के लिए हाहाकार

सरायकेला # सरायकेला-खरसावां जिले में 510 सरकारी एवं हजारों निजी तालाब हैं. लेकिन जिले के कई तालाबों को भरकर फ्लैट या समतल खेत बना दिये गये हैं. कहीं-कहीं तो निजी तालाबों को भरकर प्लॉटिंग कर बेचा भी जा रहा है. जिला मत्स्य पदाधिकारी अरूप कुमार चौधरी ने बताया कि चांडिल के डूब क्षेत्र में होने […]

सरायकेला # सरायकेला-खरसावां जिले में 510 सरकारी एवं हजारों निजी तालाब हैं. लेकिन जिले के कई तालाबों को भरकर फ्लैट या समतल खेत बना दिये गये हैं. कहीं-कहीं तो निजी तालाबों को भरकर प्लॉटिंग कर बेचा भी जा रहा है.
जिला मत्स्य पदाधिकारी अरूप कुमार चौधरी ने बताया कि चांडिल के डूब क्षेत्र में होने के कारण एक तालाब विलोपित हो गया है. वहीं आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र में 20 साल पूर्व आदित्यपुर शेर-ए-पंजाब चौक के पास दो बड़े तालाब व दिंदली बस्ती के पास एक बड़ा तालाब थे. इन तीनों तालाबों की जगह आज बड़े-बड़े भवन खड़े हैं. तालाबों के भरने से आसपास के क्षेत्रों का जलस्तर काफी नीचे चला गया है. चापाकल और निजी बोरिंग भी सूख गये हैं. आलम यह है कि लोगों खरीद कर पानी पीना पड़ रहा है.

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