अस्थियों को नदी में प्रवाहित न करें गड्ढा में डालें अौर उसपर पेड़ लगायें

जमशेदपुर : मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहर लाल शर्मा ने नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी को सुझाव दिये हैं. इससे संबंधित पत्र की प्रति उन्होंने उपायुक्त व विधायक रामचंद्र सहिस को भी दी है. साथ ही पिछले दिनों जुस्को के प्रबंध निदेशक को भी इस योजना को अमल में लाने […]

जमशेदपुर : मानवाधिकार कार्यकर्ता जवाहर लाल शर्मा ने नदियों को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए जमशेदपुर अक्षेस के विशेष पदाधिकारी को सुझाव दिये हैं. इससे संबंधित पत्र की प्रति उन्होंने उपायुक्त व विधायक रामचंद्र सहिस को भी दी है. साथ ही पिछले दिनों जुस्को के प्रबंध निदेशक को भी इस योजना को अमल में लाने के लिए पत्र लिखा था.
पत्र में श्री शर्मा ने कहा कि सरकार द्वारा पांच जून 2018 को पर्यावरण दिवस के दिन नदी किनारे लाखों पेड़ लगाने की योजना है. जैसा कि हम जानते हैं कि नदियों का प्रदूषण विभिन्न कारणों से होता है, जिसमें से एक कारण शव को जलाने के बाद उसकी राख, अस्थियां अौर लकड़ी को नदी में प्रवाहित कर देना है. जमशेदपुर में तीन प्रमुख श्मशान घाट हैं, जहां रोजाना 20 से 25 शव का दाह संस्कार होता है अौर दाह-संस्कार के बाद बची हुई लकड़ी, राख अौर अस्थियों को नदी में प्रभावित कर दिया जाता है, जो नदी के जल को प्रदूषित करता है.
प्रसिद्ध गांधीवादी विचारक काका साहेब कालेलकर की पुस्तक ‘परम सखा मृत्यु’ में दिये गये सुझाव का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि नदियों को प्रदूषण से बचाने के लिए दाह संस्कार के बाद राख, अस्थियों व लकड़ियों को गड्ढे में डाल कर उसमें पेड़ लगा देने से प्रदूषण से मुक्ति के साथ-साथ वन संरक्षण को भी मदद मिलेगी, जो एक धार्मिक कार्य है. श्री शर्मा के अनुसार जमशेदपुर में रोजाना 20 लोगों के दाह संस्कार के अनुपात से महीने में छह सौ अौर साल में 72 सौ पेड़ लगाया जा सकेगा़ नदी तट में इसे लगाया जाये, तो चार-पांच साल में कई हजार पेड़ नदी तट पर उग आयेंगे अौर जंगल का रूप ले लेंगे, जिससे नदियों का कटाव अौर बाढ़ से शहर का बचाव होगा. इन पेड़ों का धार्मिक महत्व यह होगा कि पेड़ के साथ भावनात्मक जुड़ाव होने के कारण लोग इसकी रक्षा भी करेंगे तथा पुण्य तिथि-पितृ पक्ष के दिनों में जाकर पूजा-अर्चना भी कर सकेंगे. श्री शर्मा ने विशेष पदाधिकारी से इस योजना में अमल करने का अनुरोध किया है.

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