जमशेदपुर : प्लास्टिक का कैरी बैग छोड़ने के संकल्प के साथ जमशेदपुरवासियों ने रविवार को रन फॉर रिफ्यूज को सामूहिक दौड़ लगायी. एक हजार से ज्यादा लोगों ने दौड़ में शामिल होकर प्लास्टिक मुक्त का संदेश जन-जन को दिया. बिष्टुपुर मोदी पार्क के समीप जमशेदपुर के एसएसपी अनूप बिरथरे ने हरी झंडी दिखाकर रन फॉर रिफ्यूज की शुरूआत की.
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बीते कुछ वर्षों में पर्यावरण असंतुलन तेजी से बढ़ा है. समय रहते हमलोग अब भी नहीं चेते तो जल्द ही भयावह स्थिति आ जायेगी. पर्यावरण को बचाने अौर बिगड़ते संतुलन को बचाने के लिए जमशेदपुर अक्षेस का किया प्रयास सराहनीय है. विशेष पदाधिकारी संजय कुमार ने कहा कि शहरवासियों ने प्लास्टिक बैग को लेकर अचानक अपना व्यवहार बदला है. यदि स्थिति रही तो वह दिन दूर नहीं जब शहर प्लास्टिक बैग मुक्त बन जायेगा.
उन्होंने कहा कि जिस दिन आप दुकानों में प्लास्टिक बैग को लेने से इनकार करना शुरू कर दें, तो सिर्फ दुकानदार ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक बैग का उत्पादन करने वाला उद्यमी भी दस बार सोचेगा. ट्रैफिक डीएसपी विवेकानंद ठाकुर, जैप 6 एसोसिएसन के अध्यक्ष बैकुंठ शर्मा आदि ने भी पर्यावरण को लेकर गम्भीर चिंतन की आवश्यकता पर जोर देते हुए पॉलिथीन से कन्नी काटने का आह्वान किया. पर्यावरण संरक्षण को लेकर जमशेदपुर अक्षेस प्रशासन जमशेदपुर में चार दिवसीय कॉन्क्लेव के दूसरे दिन रन फॉर रिफ्यूज के माध्यम से पर्यावरण का संतुलन बिगाड़ने वाली वस्तुओं को लेने से मना करने के लिए शहर में माहौल तैयार किया. इस कड़ी में रन फॉर रिफ्यूज के लिए जुबिली पार्क जंगल, चिड़ियाघर अौर सरोवर वाले रूट का चयन किया गया था.
ये मौजूद थे : जेएनएसी के चारों सिटी मैनेजर, जैप 6के पदाधिकारी, जेएनएसी के अभियंता, करीम सिटी एनएसएस के सदस्य, मॉर्निंग वाकर्स ग्रुप के सदस्य, स्काउट एंड गाइड के सदस्य, पूर्व सैनिक सेवा परिषद के सदस्य, चित्रकारों की संस्था सिमुल के सदस्य, शुभेंदु विश्वास, तरुण कुमार, पूर्वी घोष, प्रियंका विश्वकर्मा, रुपाली झा, माणिक शहर के गणमान्य लोग मौजूद थे.
पर्यावरण बचाने का िदया संदेश
गो फॉर 6 आर के बैनर तले जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन की टीम के अलावा सामाजिक संगठनों, वोलेटिंयर, जैप-6 के जवान व अन्य ने मोदी पार्क से रन फॉर रिफ्यूज की शुरुआत की़ इसके बाद रन जुबिली पार्क गेट नंबर 2 से होते हुए चिड़ियाघर, जयंती सरोवर के किनारे होते हुए जुबिली पार्क गेट से सामूहिक संचलन किया गया. फिर जेआरडी से बाग-ए-जमशेद वाले परंपरागत मैराथन मार्ग की बजाय इस बार दौड़ जू के अंदर (चूंकि जंगल, चिड़ियाघर अौर सरोवर में प्लास्टिक का दुष्प्रभाव वनस्पति, वन्य प्राणी ज्यादा प्रभावित होते हैं) वाले जगह को चुनकर पर्यावरण बचाने का संदेश दिया.
