जमीन मालिक ने खुद निर्णय ले निर्धारित की राशि
रैयती जमीन पर बने डायवर्सन से पार होती हैं गाड़ियां
माल वाहक वाहन को देना पड़ता है टैक्स, निजी गाड़ियों से नहीं ली जाती है कोई राशि
जमशेदपुर : पिछले दो साल से तैयार होकर एप्रोच रोड का इंतजार कर रहे बड़ाबांकी-हुरलुंग पुल को पार करने पर लुपुंगडीह छोर में माल वाहक गाड़ियों (ईंट, गिट्टी, बालू लदे ट्रक, 407, ट्रैक्टर) को रैयती जमीन पार करने के एवज में हर ट्रिप में 15 ईंट या 50 रुपये शुल्क देना पड़ता है. ऐसा पिछले लगभग एक साल से हो रहा है. रैयती जमीन से गुजरने पर निजी गाड़ियों (कार, बाइक समेत अन्य) को शुल्क नहीं देना पड़ता है. यह टैक्स जमीन मालिक द्वारा लगाया गया है, जिसका पालन सभी माल वाहक गाड़ियों द्वारा किया जाता है. सुवर्णरेखा नदी पर एनएच 33 के बड़ाबांकी को हुड़लुंग से जोड़ने के लिए पुल का निर्माण लगभग ढाई वर्ष पूर्व पूरा किया गया था.
एप्रोच रोड निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी नहीं होने के कारण पुल के लुपुंगडीह छोर में बायीं अोर मोड़ कर गाड़ियों के पार होने का कच्चा रास्ता बनाया गया है. इसे डायवर्सन को पार करने के बाद जमीन से गुजरने वाले ईंट, बालू, गिट्टी लदे ट्रक को पुल के लुपुंगडीह छोर में शुल्क देना पड़ता है. ईंट लदी गाड़ियों को 15 ईंट प्रति ट्रिप देना पड़ता है अौर अगर कोई गाड़ी वाला ईंट नहीं देना चाहता है, तो उसे 50 रुपये देना पड़ता है. रोजाना पुल के लुपुंगडीह छोर में काले अौर लाल ईंट का ढेर लग जाता है. गिट्टी-बालू लदे ट्रक वालों को 50 रुपये देना पड़ता है. ईंट अौर 50 रुपये लेने के लिए पुल के किनारे में कुछ बच्चे अौर युवक खड़े रहते हैं,
जो गाड़ी में सवार मजदूर से गिनती कर ईंट या पैसे लते हैं. उस जमीन से गुजरने वाली निजी गाड़ियों अौर उस गांव के माल वाहक वाहनों को यह टैक्स देने से छूट है. जमीन मालिक गुणाधर सिंह (गंगाधर) के भतीजे ने बताया कि पुल को रोड से जोड़ने वाले हिस्से की जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन राशि का भुगतान सरकार द्वारा अब तक नहीं किया गया है, जिसके कारण उनकी रैयती जमीन से गाड़ियां पार होती है, जिसके कारण जमीन बर्बाद हो रही है अौर खेती नहीं हो सकती है.
इस कारण मालक वाहक गाड़ियों से 15 ईंट या 50 रुपये लिया जाता है, लेकिन इसमें निजी गाड़ियों अौर उस गांव की माल वाहक गाड़ियों को छूट है अौर उन्हें कुछ नहीं देना पड़ता है. भतीजे ने बताया कि सरकार द्वारा जब विधिवत तरीके से राशि देकर सीधे वाली जमीन का अधिग्रहण कर ली जायेगी, तो सभी गाड़ी उस जमीन से पार होगी अौर शुल्क या ईंट नहीं देना पड़ेगा.
