जांच कमेटी में सचिव सह सीसीडीसी ने कहा- डॉ. एमआर सिन्हा पर विभागीय कार्रवाई की अनुशंसा
तैयार हो रही रिपोर्ट, जल्द कुलपति को भेजी जायेगी, भवन मामले को देख रहे एचआरडी के अभियंता
जमशेदपुर : कोल्हान विवि के कॉलेजों में भवन निर्माण से लेकर कंप्यूटर लैब व पुस्तकों की खरीद में अनियमितता के मामले की जांच करने वाली उच्च स्तरीय कमेटी के सचिव सह सीसीडीसी डॉ जेपी मिश्रा ने कहा कि जांच कमेटी पूर्व प्राचार्य डॉ. एमआर सिन्हा के खिलाफ एफअाइआर दर्ज कराने की अनुशंसा करेगी. कहा कि जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के अलग-अलग कार्यों में सरकारी धन की लूट हुई है. इसे बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. किताबों की खरीद में भी बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायतें मिली है. छात्र संगठन की ओर से इस बात के सबूत पेश किये गये हैं कि 2018 में सन 1986 एडिशन की किताबें खरीदी गईं.
150 मूल्य की किताबें के बदले 300 रुपये तक का बिल बनाया गया. वहीं जमशेदपुर को-ऑपरेटिव कॉलेज के पीजी ब्लाॅक के निर्माण से लेकर एबीएम कॉलेज तक के भवन के मामले पर टीम में शामिल उच्च शिक्षा विभाग के अभियंता को रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है. भवन निर्माण में अगर गुणवत्ता से समझौता किया गया है, तो भवन बनाने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्टेड किया जा सकता है. सीसीडीसी ने कहा कि रिपोर्ट तैयार हो रही है. जल्द से इसे कुलपति को भेजा जायेगा.
मैंने कोई भी निर्णय अकेले नहीं लिया. कमेटी के सुझाव पर ही अत्याधुनिक वर्जन के कंप्यूटर की खरीद की गयी. टेंडर प्रक्रिया में संशोधन किया गया. यह बात स्वीकार करता हूं.
डॉ. एमआर सिन्हा, पूर्व प्राचार्य, को-ऑपरेटिव कॉलेज
