जमशेदपुर : भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआइ) एनएच को अतिक्रमण व वाहनों के अवैध कब्जा से मुक्त करायेगा. एनएच पर भारी वाहनों को खड़ा से होने वाली दुर्घटना को देखते हुए कार्रवाई का आदेश दिया गया है. अतिक्रमण हटाने में जिला प्रशासन अौर पुलिस से सहयोग लिया जायेगा.
पथ निर्माण विभाग के सचिव कमल किशोर सोन ने सभी उपायुक्त अौर एसपी को पत्र लिख कर एनएचएआइ को सहयोग करने का निर्देश दिया है. एनएचएआइ के अध्यक्ष दीपक कुमार ने 16 अप्रैल को जारी पत्र में क्षेत्रीय कार्यालयों को 15 दिन में एनएच से हर तरह का अतिक्रमण हटाने का आदेश दिया है. इसमें स्थानीय पुलिस-प्रशासन की मदद लेने को कहा गया है.
एनएच पर दो साल में 250 से अधिक मौत का कारण बने खड़े वाहन
जमशेदपुर. जर्जर एनएच अौर सड़क किनारे खड़ा किये गये वाहनों के कारण कई हादसे हो चुके हैं. रांची से लेकर बहरागोड़ा तक कई की जान इसमें जा चुकी हैं. 27 फरवरी की रात पारडीह काली मंदिर के निकट खराब टैंकर से कार के टकरा जाने के कारण चार युवकों की मौत हो गयी थी. वर्ष 2016 में चौका से बहरागोड़ा के बीच एनएच पर दुर्घटनाओं में 51 लोगों की जान जा चुकी है.
2017 में छह माह जून से नवंबर तक 50 लोगों की मौत एनएच पर हुई थी. 2017 में जून से नवंबर तक एनएच पर चौका में 8, चांडिल में 9, एमजीएम में 8, गालूडीह में 6, घाटशिला में 3, बहरागोड़ा में 16 लोगों की मौत हुई थी. रांची-टाटा रोड और डिमना चौक से पारडीह चौक के बीच भी सड़क किनारे अवैध कब्जा, गाड़ियों के पड़ाव के कारण के कारण कई हादसे हो चुके हैं.
