फंड डायवर्ट कर 60 लाख से बना दिया कंप्यूटर लैब

जमशेदपुर : को-ऑपरेटिव कॉलेज में फंड का डायवर्सन कर 60 लाख की लागत से कंप्यूटर लैब का निर्माण करा लिया गया है. राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत यह कार्य कराया गया. विवि ने पहले अनियमितता की आशंका पर एजेंसी का भुगतान रोका था लेकिन फिर दबाव में राशि निर्गत कर दी गयी. कॉलेज के […]

जमशेदपुर : को-ऑपरेटिव कॉलेज में फंड का डायवर्सन कर 60 लाख की लागत से कंप्यूटर लैब का निर्माण करा लिया गया है. राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के तहत यह कार्य कराया गया. विवि ने पहले अनियमितता की आशंका पर एजेंसी का भुगतान रोका था लेकिन फिर दबाव में राशि निर्गत कर दी गयी.
कॉलेज के बर्सर डॉ एमएन तिवारी ने यह खुलासा करते हुए पूर्व प्राचार्य पर रूसा फंड के दुरुपयोग का आरोप लगाया है. डाॅ. तिवारी ने यह भी दावा किया है कि लैब में एक-एक लाख से अधिक कीमत पर कंप्यूटर की खरीद की गयी. इस अनियमितता में रूसा के राज्य स्तर के अधिकारियों की भी भूमिका है. उन्होंने दावा किया कि उनके पास इस बात की प्रामाणिक सूचना है कि रूसा के उच्च अधिकारियों ने विवि के वित्त विभाग को फोन कर राशि निर्गत करने काे दबाव बनाया था.
कंप्यूटर लैब दो माह से बनकर तैयार है, लेकिन इसका उद्घाटन नहीं हो रहा. वहीं कॉलेज में रूसा फंड से कंप्यूटर लैब निर्माण में अनियमितता की शिकायत की जाती रही है. कॉलेज छात्र संघ अध्यक्ष कमल अग्रवाल से लेकर सभी पदाधिकारी तथा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने मामले में शिकायत की थी. सभी शिकायतों को ठंडे बस्ते में डाले रखा.

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