जमशेदपुर : तेनुघाट थर्मल की एक यूनिट और सिकिदरी हाइडल की यूनिट बंद होने से चार दिनों से बिजली संकट जारी है. सेंट्रल पूल से बिजली खरीदकर लोकल ग्रिडों को 30-40 फीसदी कम बिजली दी जा रही है.
कोल्हान में 500 की जगह पर 300-350 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है. इसके कारण सोमवार शाम पांच बजे से मंगलवार शाम पांच बजे तक प्रत्येक दूसरे घंटे एक-एक घंटे के लिए बिजली कटती रही. मानगो के आधे हिस्से पारडीह, चेपापुल, जवाहनगर, डिमना, पटमदा-बोड़ाम फीडर से पूरे इलाके में शाम 6.30 बजे से लेकर रात 2.30 बजे तक लोड शेडिंग कर बिजली की आपूर्ति हुई. सबसे बुरा हाल गोलमुरी पावर ग्रिड से जुड़े छोटागोविंदपुर, बिरसानगर, करनडीह, सरजामदा अौर जुगसलाई सब स्टेशन से जुड़े 26 इलाकों में रहा. इसके कारण जलापूर्ति समेत रुटीन कामकाज प्रभावित हुआ.
दाईगुट्टू में पानी संकट
मानगो के दाईगुट्टू के सरदुल फैक्ट्री के पास मोबाइल टावर के लिए केबुल बिछाने के दौरान पानी का पाइप कट जाने से मंगलवार की सुबह जलापूर्ति नहीं हुई. पीएचडी और मानगो पुलिस ने केबुल काटने वाले एजेंसी को पकड़ा. इसके बाद एजेंसी ने पाइप मरम्मत कर घटना की जिम्मेदारी लेते हुए माफी मांगी. फिर मंगलवार की रात जलापूर्ति शुरू की गयी. इधर, बुधवार सुबह निर्धारित समय पर अौर सामान्य रूप से जलापूर्ति करने का दावा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने किया है.
बागबेड़ा, करनडीह और सुंदरनगरमें अनियमित बिजली को लेकर प्रदर्शन
जमशेदपुर. बागबेड़ा, करनडीह व सुंदरनगर क्षेत्र में बिजली की लचर व्यवस्था और जर्जर तार व खंभे को बदलने की मांग को लेकर मंगलवार को झामुमो ने करनडीह बिजली ऑफिस के बाहर प्रदर्शन किया. इस दौरान पार्टी के लोगों ने बिजली विभाग के विरोध में नारेबाजी भी की. झामुमो के जिला संगठन सचिव बहादुर किस्कू व प्रखंड अध्यक्ष पालटन मुर्मू ने बताया कि बागबेड़ा बाजार टोला में 17 खंभे व तार जर्जर हाे चुके हैं. इसको बदलने की जरूरत है. इस दौरान संजीव सरदार, देवजीत मुखर्जी, मनोज नाहा, मनीष, पिंटू आदि मौजूद थे.
मार्च में 52 करोड़ रुपये जमा हुए बिजली बिल
मार्च में जमशेदपुर के गैर कंपनी इलाकों के लोगों ने 52 करोड़ रुपये बिजली बिल के रूप में जमा किये. इसके विपरीत लोड शेडिंग कर बिजली की आपूर्ति की जा रही है.
