सरायकेला/जमशेदपुर : सरायकेला के बाल विकास शिक्षा निकेतन के हॉस्टल में छठी क्लास के छात्र सूरज बेसरा की मौत के मामले में रविवार देर रात स्कूल पहुंचे छात्र के परिजनों ने सरायकेला थाने में स्कूल प्रबंधन के खिलाफ हत्या करने व साक्ष्य को छुपाने के लिए उसे आत्महत्या का रूप देने का मामला दर्ज कराया है. एमजीएम में मेडिकल बोर्ड ने सूरज का पोस्टमार्टम किया.
सूरज के पिता सोनू मांझी की ओर से दर्ज करायी गयी प्राथमिकी में कहा गया है कि 22 अप्रैल को शाम चार बजे स्कूल संचालक सह प्रधानाध्यापक विद्याभूषण सिंह एवं स्कूल मैनेजर ज्ञानशंकर सिंह तोमर ने सूरज बेसरा को प्रताड़ित करते हुए जान से मार दिया और उसके बाद स्कूल प्रबंधन ने हत्या को आत्महत्या का रूप देने के लिए बच्चे को फांसी पर लटका दिया. स्कूल प्रबंधन के लोग घटना के बाद थाने को सूचना दिये बगैर छात्र को स्थानीय क्लीनिक ले गये जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया.
घटना के लगभग साढ़े तीन घंटे के बाद पुलिस व परिजनों को इसकी सूचना दी गयी जिससे स्कूल की भूमिका संदेहास्पद लग रही है. सोनू मांझी की शिकायत पर पुलिस ने भादवि की धारा 302, 201 व 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज करते हुए छानबीन शुरू कर दी है.
पूर्व में भी किया गया था प्रताड़ित : दर्ज प्राथमिकी में कहा गया है कि स्कूल प्रबंधन ने पूर्व में भी सूरज को प्रताड़ित किया था जिसकी सूचना उसने दी थी लेकिन उसके भविष्य को देखते हुए उसकी पढ़ाई विद्यालय में जारी रखी गयी.
जांच के लिए स्कूल पहुंचे एसडीपीओ: सोमवार को एसडीपीओ अविनाश कुमार, इंस्पेक्टर वेदानंद झा, सरायकेला थाना प्रभारी आर बी सिंह स्कूल पहुंचे और मामले की तहकीकात की. एसडीपीओ ने उस कमरे की बारीकी से जांच की जहां घटना हुई थी. उन्होंने पूछताछ कर जानकारी हासिल की.
मेडिकल बोर्ड गठित : सरायकेला के बाल विकास शिक्षा निकेतन आवासीय विद्यालय के छठी के छात्र सूरज बेसरा के शव का पोस्टमॉर्टम सोमवार को एमजीएम अस्पताल में मेडिकल बोर्ड गठित कर कराया गया. इसमें सूरज के शरीर में कई जगहों पर चोट के निशान पाये गये.
पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों का हंगामा
पोस्टमार्टम में विलंब के कारण सूरज के परिजनों ने पोस्टमार्टम हाउस के मेन गेट पर हंगामा किया. उन्होंने पुलिस के साथ बहस भी की. हंगामे की सूचना के बाद एमजीएम पुलिस मौके पर पहुंची और सबको शांत कराया. पोस्टमार्टम विभाग में सरायकेला से मेडिकल बोर्ड के लिए पेपर आने के बाद बोर्ड का गठन किया गया, जहां दंडाधिकारी अनिता केरकेट्टा की मौजूदगी में सूरज बेसरा के शव का पोस्टमॉर्टम किया गया. पोस्टमार्टम के बाद सूरज केा शव उसके परिजन अपने गांव लेकर चले गये.
