जमशेदपुर : मेडिकल क्षेत्र में नयी-नयी तकनीक जुड़ रही हैं, जिससे इलाज करना आसान हो गया है. कई मशीनों के जरिये बीमारियों का आसानी से पता लग जा रहा है, लेकिन अभी भी इस क्षेत्र में कई प्रकार की चुनौतियां हैं. उक्त बातें टाटा मोटर्स मेडिकल सोसायटी की ओर से आयोजित दो दिवसीय 44वें वार्षिक कार्यशाला को संबोधित करते हुए टाटा मोटर्स के मैनुफैक्चरिंग हेड एबी लाल ने कहीं.
उन्होंने कहा कि टाटा मोटर्स अस्पताल को कई अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस किया जा रहा है तथा इसे और बेहतर बनाने की कोशिश की जा रही है. इसके पहले कार्यशाला का उद्घाटन मैनुफैक्चरिंग हेड एबी लाल, प्लांट हेड संपत कुमार, मेडिकल हेड संजय कुमार ने संयुक्त रूप से किया.
इस साल मेडिकल सोसायटी का 50वां, टाटा ग्रुप का 150वां वर्षगांठ मनाया रहा है. कार्यशाला में शामिल भोपाल के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ एसपी दूबे, डॉ केआर सेतुरमन, डॉ हर्षवर्द्धन, डॉ एलएन त्रिपाठी, डॉ गौरव गुप्ता, डॉ पीपी चौधरी सहित अन्य डॉक्टरों ने अपने विचार रखे. इस दौरान संजय कुमार, डॉ नीलिमा, मेडिकल चीफ डॉ एसएल श्रीवास्तव, डॉ शोमनाथ घोष, डॉ एमएल अली, कंपनी एचआर हेड रविशंकर सिंह, भारती लाल समेत अन्य चिकित्सक मौजूद थे.
स्मारिका का विमोचन : कार्यशाला में डॉक्टरों ने यूनिवर्सल हेल्थ केयर थीम पर विचार रखे. इसमें आधुनिक युग में मेडिकल विभाग की चुनौतियां व इनोवेशन पर चर्चा की गयी. इस दौरान स्मारिका का विमोचन किया गया. सोसायटी के सचिव डॉ अर्नब भट्टाचार्जी ने अस्पताल की उपलब्धियों पर चर्चा की. वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया.
