जमशेदपुर : रसाेई गैस के उपभाेक्ताआें काे सब्सिडी इन दिनाें नियमित रूप से नहीं मिल रही है. गैस सब्सिडी तय अकाउंट के बजाय उसी नाम के किसी दूसरे अकाउंट में भेज दी जा रही है. उपभाेक्ता काे अब हर माह सभी बैंक खाता की पास काे अप टू डेट कर पता लगाना पड़ रहा है कि किस खाते में सब्सिडी काे ट्रांसफर किया गया है. जमशेदपुर रसाेई गैस डिस्ट्रीब्यूटर के यहां आये दिन ऐसे दर्जनाें मामले पहुंच रहे हैं. कई उपभाेक्ता इस मामले काे लेकर डिस्ट्रीब्यूटर कार्यालय में हंगामा भी खड़ा कर देते हैं.
उपभाेक्ताआें काे डिस्ट्रीब्यूटराें द्वारा यह बताने की काेशिश की जा रही है कि आधार से सभी खाते लिंक हाेने के कारण किसी भी खाते में सब्सिडी भेज दी जा रही है.
स्ट्रीब्यूटराें ने बताया कि उपभाेक्ताआें के पास रसाेई गैस का कनेक्शन भले ही एक हाे, लेकिन उनके पास बैंक अकाउंट कई है, कई अकाउंट ताे ज्वाइंट भी हैं. वे सभी आधार लिंक्ड हैं. ऐसे में आधार के मुताबिक ही राशि किसी भी खाते में चली जाती है, जाे एक स्वाभाविक प्रक्रिया है. कुछ उपभाेक्ताआें ने अपने गांव के पते पर भी बैंक अकाउंट खुलवाये हैं. उनके पास बुक काे वे 6-8 माह बाद ही अपडेट कराते हैं, कई बार सब्सिडी उन खाताें में भी चली जा रही है.
तीन माह से सब्सिडी ग्रामीण बैंक के खाते में नहीं आ रही थी. जुगसलाई स्थित एजेंसी में जाकर मालूम किया ताे कुछ बताने काे तैयार नहीं थे. इलाहाबाद स्थित गांव में वर्षाें पुराना अकाउंट खुलवाया था, जिसे कुछ माह पूर्व ही आधार से लिंक कराया है, उसमें सब्सिडी जाने की सूचना मिली है. अब वहां जब जायेंगे, तब पास बुक अपडेट करायेंगे.
आरएन सिंह, पाेस्ट अॉफिस राेड कीताडीह
दाे बार ताे सब्सिडी ब्लॉक कर दी गयी थी, जिसे फिर से चालू कराया गया. चार माह से सब्सिडी जब एसबीआइ वाले खाते में नहीं आयी, ताे एजेंसी के मालिक से गाेलमुरी में शिकायत की गयी. उसके द्वारा भी बेहतर रिस्पांस नहीं मिला. एजेंसी की साइट पर जाकर देखने पर मालूम चला कि पिता के संग खाेले गये ज्वाइंट खाते में सब्सिडी जानी शुरू हाे गयी है.
रविंदर सैनी, जेम्काे आजाद बस्ती
सभी दस्तावेज बैंक और गैस एजेंसी में जमा करा दिये हैं, इसके बाद भी खाते में सब्सिडी की राशि नहीं आ रही ताे इसके लिए जिम्मेदार कौन है, किसकी गलती है. इसका पता लगाने के लिए बैंक या गैस एजेंसी के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है. घर बैठे इंटरनेट के माध्यम से काफी आसानी से इसका पता लगाया जा सकता है. गैस वितरक कंपनी की बेवसाइट पर जा कुछ औपचारिक जानकारी दर्ज करने के बाद अपने रसोई गैस खाते से संबंधित सभी जानकारियां मिल जायेंगी. किस कारणाें से सब्सिडी रुकी यह भी मालूम चल जायेगा.
ताराचंद अग्रवाल, प्रवक्ता, रसाेई गैस एजेंसी
