हजारीबाग. एलआइसी के 71वें जीवन बीमा व्यवसाय राष्ट्रीयकरण दिवस पर सोमवार को हजारीबाग मंडल कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस दौरान बीमा कर्मचारी संघ हजारीबाग मंडल के महामंत्री जगदीश चंद्र मित्तल ने कहा कि जीवन बीमा व्यवसाय के राष्ट्रीयकरण ने आम जनता तक बीमा की पहुंच सुनिश्चित की. एलआइसी को देश का सबसे भरोसेमंद संस्थान बनाया. एलआइसी आज भी बाजार में अग्रणी भूमिका निभा रही है. छोटी बचत को राष्ट्र निर्माण में लगाकर भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है. 31 मार्च 2025 तक एलआइसी के पास 56 लाख करोड़ रुपये से अधिक की वित्तीय परिसंपत्तियां है. उसने सरकार को अब तक 38 हजार करोड़ रुपये से अधिक का लाभांश दिया है. श्री मित्तल ने बताया कि एलआइसी लगभग 99 प्रतिशत दावों का निपटारा कर विश्व में नंबर एक स्थान पर है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में एलआइसी की कुल आय 8.81 लाख करोड़ रुपये रही. पॉलिसीधारकों को 4.16 लाख करोड़ रुपये का भुगतान किया. बोनस के रूप में 56,190 करोड़ रुपये वितरण किया. इसके अलावा एलआइसी ने 24 घंटे में 5.88 लाख पॉलिसी बेचकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड भी बनाया है. उन्होंने बीमा कानून संशोधन बिल 2025 पर चिंता जताते हुए कहा कि 100 प्रतिशत एफडीआइ जैसे प्रावधान राष्ट्रीयकरण के मूल उद्देश्यों को कमजोर कर सकती है. ऐसे में इन कदमों का संगठित विरोध जरूरी है. अखिल भारतीय बीमा कर्मचारी संघ एलआइसी की सुरक्षा और मजबूती के लिए संघर्ष जारी रखेगा. पत्रकार सम्मेलन में उपाध्यक्ष अरविंद कुमार, संयुक्त सचिव शंकर कुमार, सांगठनिक सचिव मदन कुमार पाठक व सुशील लकड़ा, सहायक सचिव दुर्गा सिंह, कोषाध्यक्ष विजय कुमार चौबे, सह कोषाध्यक्ष सुदर्शन सिंह सहित कई पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित थे.
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