सीसीएल की परियोजनाओं में हड़ताल का व्यापक असर

ट्रांसपोर्टिंग, आउट सोर्सिंग व अन्य कामकाज ठप कराया

चरही. श्रमिक संगठनों के हड़ताल का असर चरही, चुरचू व सीसीएल की चरही महाप्रबंधक कार्यालय, तापीन साउथ परियोजना, तापीन नॉर्थ परियोजना, झारखंड परियोजना, परेज परियोजना, परेज वाशरी व केदला उत्खनन परियोजना सहित आसपास के क्षेत्रों में बुधवार की सुबह पांच बजे से ही देखने को मिला. सुबह से ही सीसीएल महाप्रबंधक कार्यालय सहित सभी परियोजनाओं में यूनियनों द्वारा हड़ताल को सफल बनाने के लिए चक्का जाम किया गया. सभी परियोजनाओं में संयुक्त मोर्चा के यूनियन नेताओं के द्वारा ट्रांसपोर्टिंग, आउट सोर्सिंग व अन्य कामकाज ठप कराया गया. हड़ताल का असर बैंकिंग, बीमा, डाक सेवाओं पर भी दिखा. हड़ताल में भारतीय मजदूर संघ और उससे जुड़े संगठनों को छोड़कर सीटू, एटक, एचएमएस, इंटक, झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन, राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन, यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन ने भाग लिया. तापीन साउथ व तापीन नॉर्थ परियोजना में सुबह से हॉलपेक मशीन व अन्य भारी वाहन खड़े रहे. सभी परियोजनाओं का ट्रांसपोर्टिंग कार्य ठप रहा. हड़ताल के कारण सीसीएल को लाखों का नुकसान हुआ. हड़ताल में झारखंड कोलियरी मजदूर यूनियन के चरही जीएम यूनिट के अध्यक्ष सोमरा मुंडा, सचिव धीरज मांझी, उपाध्यक्ष राज कुमार वर्मा, सहसचिव विवेक कुमार, यूनाइटेड कोल वर्कर्स यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष नीरज कुमार सिंह, राष्ट्रीय कोलियरी मजदूर यूनियन के सचिव शंकर कुमार सिंह, बिहार कामगार मजदूर यूनियन के सचिव बसंत रेड्डी सहित अन्य शामिल हुए.

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Author: SUNIL PRASAD

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