चौपारण. बहेरा पुरनाडीह में पौधा संरक्षण के तहत आयोजित दो दिवसीय फसल सुरक्षा योजना का प्रशिक्षण रविवार को संपन्न हुआ. प्रशिक्षण में पंचायत के अलग-अलग गांव से 30 महिला कृषक शामिल हुईं. शिविर का उदघाटन एफपीओ निदेशक दीपक कुमार व सीइओ कैलाश कुमार ने किया. प्रशिक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि पारंपरिक खादों की तुलना में बीजामृत के प्रयोग से पौधों को सीधे पोषण मिलता है, जिससे खेती की लागत घटती और उत्पादन बढ़ता है. विशेषज्ञों ने किसानों को मिट्टी की जांच कर पोषक तत्वों की कमी जानने, मिट्टी उपचार, जैविक खादों का उपयोग, फसल चक्र अपनाने और संतुलित उर्वरक प्रयोग जैसी तकनीक अपनाने की सलाह दी. पौधा संरक्षण अधिकारी कुणाल कुमार ने घरेलू उपाय से स्प्रे करने पर खाद का समान वितरण होने और उत्पादकता बढ़ने की जानकारी दी. महिला कृषकों को जैविक खाद और नयी तकनीक से खेती करने की सलाह दी गयी. शिविर में वार्ड सदस्य जुली कुमारी, सदन साव, नारायण साव, माया देवी, गुड़िया देवी, मंजू देवी, कांति देवी, आरती देवी, गीता देवी और सुनीता देवी सहित कई महिलाएं शामिल थीं.
बीजामृत के प्रयोग से पौधों को सीधे पोषण
महिला कृषकों को मिला फसल सुरक्षा का प्रशिक्षण
