इचाक में वित्त रहित शिक्षक रहे हड़ताल पर

ठप रही पढ़ाई

इचाक. वित्त रहित शिक्षा संयुक्त संघर्ष मोर्चा के बैनर तले आदर्श इंटर महाविद्यालय इचाक, जीएम इंटर महाविद्यालय इचाक, जेएम इंटर महाविद्यालय उरूका, उवि सिझुआ, उवि बरकाखुर्द और सीएम आदर्श उवि इचाक के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी बुधवार को शैक्षणिक हड़ताल पर रहे. बच्चों के स्कूल और कॉलेज पहुंचने के बावजूद पढ़ाई ठप रही. शिक्षकों ने कहा कि राज्य के वित्त रहित स्कूल-कॉलेजों की मुख्य मांग 75 प्रतिशत अनुदान वृद्धि 2015 से लंबित है. वित्त, विधि तथा स्कूली व साक्षरता विभाग से पास होने के बाद भी 10 वर्ष बीत जाने पर संचिका पर अंतिम मुहर नहीं लगी है. मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद 75 प्रतिशत अनुदान पारित नहीं हुआ. उन्होंने राज्यकर्मी का दर्जा देने, 75 प्रतिशत अनुदान की राशि निर्गत करने और 12 प्रतिशत बकाया अनुदान राशि दीपावली से पहले भुगतान करने की मांग की. आंदोलन को सफल बनाने में प्राचार्य मनीष कुमार, मनोज कुमार, शंभु कुमार, बसंत कुमार, जीवन कुमार, ममता मेहता, कुमारी अंजली, अनीता कुमारी मेहता, प्रियंका कुमारी, श्रीकांत कुमार, ओंकार मेहता, युगेश कुमार व बैजनाथ प्रसाद मेहता आदि का योगदान रहा.

मांगों के समर्थन में नारेबाजी

बरही. झारखंड वित्तरहित मोर्चा के आह्वान पर बुधवार को बरही इंटर महाविद्यालय के शिक्षक एवं शिक्षकेतर कर्मचारी एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल पर रहे. इस दौरान पठन-पाठन कार्य ठप रहा. हड़ताली कर्मियों ने अपनी मांगों के पक्ष में जमकर नारेबाजी की. हड़ताल में प्राचार्य अरुण दुबे, प्राध्यापक एसएच अंसारी, बिनोद कुमार सिंह, डॉ विजय कुमार सिंह, संतोष चौरसिया, ओमप्रकाश सिंह, अश्विनी कुमार, कामता प्रसाद, सुरेश पांडेय, अरविंद कुमार, धनंजय कुमार साव, लाखो गोप, बबुनी राम, महावीर यादव व अन्य शामिल थे.

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Author: SUNIL PRASAD

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