हजारीबाग में ट्रेजरी घोटाला, 15.41 करोड़ रुपए की अवैध निकासी

Hazaribagh News: झारखंड के हजारीबाग में 15.41 करोड़ रुपये की अवैध निकासी का ट्रेजरी घोटाला सामने आया है. प्रारंभिक जांच में पुलिस विभाग के वेतन भुगतान में 11 वर्षों से की जा रही हेराफेरी का खुलासा हुआ है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

Hazaribagh News: झारखंड में एक और ट्रेजरी घोटाले का मामला सामने आया है. बोकारो से 3.15 करोड़ अवैध निकासी के बाद अब हजारीबाग से 15.41 करोड़ की अवैध निकासी का मामला सामने आया है. बोकारो और हजारीबाग में कार्यालय में तय वेतन से कहीं ज्यादा वेतन दिया गया. इसके बाद वित्त विभाग सख्त कदम उठाने जा रहा है. विभाग राज्य की सभी जिला ट्रेजरी और सब-ट्रेजरी में निकासी की जांच कराएगा. 

वित्त मंत्री ने क्या कहा?

इस मामले में झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से विचारविमर्श कर आगे की कार्रवाई करेंगे. वित्त मंत्री श्री किशोर ने कहा कि दो जिलों में गंभीर अनियमितता का मामला आया है. इस तरह की वित्तीय अराजकता बर्दाश्त नहीं की जा सकती है. विभागीय अधिकारी को इस मामले में निर्देश दिया गया है. इस मामले में सीएम से बात की जाएगी. सरकार बड़ा निर्णय लेगी. राज्य की सभी 33 ट्रेजरी से निकासी की जांच कराई जाएगी. राज्य सरकार की एजेंसी ही इसकी जांच करेगी. 

पुलिस विभाग में 11 वर्षों से की जा रही थी हेराफेरी

हजारीबाग में पुलिस विभाग के वेतन मद से जुड़ी एक बड़ी वित्तीय गड़बड़ी सामने आई है. वित्त विभाग की प्रारंभिक जांच में 15 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी का मामला सामने आया है. इस मामले में पुलिस अकाउंट सेक्शन से जुड़े तीन कर्मियों से पूछताछ की जा रही है. तीन कर्मियों में शंभु, धीरेंद्र और पंकज शामिल हैं. यह गड़बड़ी पिछले 11 सालों से चल रही थी. सूत्रों के अनुसार, वेतन भुगतान प्रक्रिया में अनियमितताओं के संकेत मिलने के बाद जांच शुरू की गई. मामले की निष्पक्ष और विस्तृत जांच सुनिश्चित करने के लिए डीसी शशि प्रकाश सिंह ने चार सदस्यीय जांच टीम बनायी है. इस टीम में अपर समाहर्ता संतोष कुमार सिंह, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी निर्भय कुमार, डीटीओ बैद्यनाथ कामती तथा जिला उप निर्वाचन पदाधिकारी मां देव प्रिया को शामिल किया गया है.

ऐसे हो रही गड़बड़ी 

  • सेवानिवृत्त कर्मी या वैसे कर्मी, जो वास्तविक रूप से कार्यालय में कार्यरत नहीं थे, उन्हें कार्यालय का पंजी मिलान किए बिना ही भुगतान कर दिया गया. 
  • कर्मियों के वेतन भुगतान से पूर्व तय वेतन की जांच नहीं की जा रही है. हजारीबाग में कार्यालय में तय वेतन से कहीं ज्यादा वेतन दिया गया. 
  • सितंबर 2025 से पहले एक ही मोबाइल नंबर पर बिल क्लर्क और निकासी और व्ययन पदाधिकारी दोनों का ओटीपी आता रहा. 

सचिव ने लिखा पत्र

हजारीबाग का मामला पकड़े जाने के बाद सचिव प्रशांत कुमार ने सभी विभाग प्रमुखों, प्रमंडलीय आयुक्तों और उपायुक्तों को पत्र लिखा है. सभी एसपी व एसएसपी के साथ कोषागार पदाधिकारी को सावधानी बरतने को कहा है.

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Published by: Sweta Vaidya

श्वेता वैद्य प्रभात खबर डिजिटल में जूनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. कंटेंट राइटिंग के क्षेत्र में एक साल से अधिक का अनुभव है. पिछले करीब दो महीनों से वे झारखंड बीट पर सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. इस दौरान वे राज्य से जुड़ी ताजा खबरों, लोगों से जुड़े मुद्दे और जरूरी जानकारियों पर आधारित स्टोरीज तैयार कर रही हैं. इससे पहले उन्होंने लाइफस्टाइल बीट के लिए भी कंटेंट लिखा. इस बीट में उन्होंने रेसिपी, फैशन, ब्यूटी टिप्स, होम डेकोर, किचन टिप्स, गार्डनिंग टिप्स और लेटेस्ट मेहंदी डिजाइन्स जैसे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर रोचक और उपयोगी आर्टिकल लिखे. श्वेता की हर बार कोशिश यही रहती है कि बात आसान, साफ और सीधे तरीके से लोगों तक पहुंचे, जिससे कि हर कोई उसे बिना दिक्कत के समझ सके. कंटेंट राइटर के तौर पर उनका फोकस होता है कि कंटेंट सिंपल, रिलेटेबल और यूजर-फ्रेंडली हो.

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