रैयतों ने माइंस का कार्य ठप कराया
12 सूत्री मांगों को लेकर आंदोलन
केरेडारी. कोल परियोजना से विस्थापित केरेडारी प्रखंड के सिरमा, इतीज, नावाडीह, बसरिया, कंडाबेर, बेलतू, पांडेपुरा एवं बारियातू समेत अन्य गांवों के सैकड़ों रैयतों ने 12 सूत्री मांगों को लेकर माइंस का काम बंद करा दिया. विस्थापितों का कहना था कि कंपनी और प्रशासन बार-बार आश्वासन देने के बाद उनकी मूलभूत मांगों को नजरअंदाज कर रहे हैं. ग्रामीणों ने जो मांग पत्र जारी किया है, उसमें प्रत्येक विस्थापित को सरकारी तर्ज पर नौकरी, न्यूनतम वेतन 30 हजार रुपये प्रतिमाह, विस्थापितों को कम से कम 10 हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन, भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत उचित मुआवजा देने सहित अन्य मांगें शामिल हैं. इधर परियोजना के आउटसोर्सिंग कंपनी के अधिकारी अरविंद देव ने रैयतों को आश्वस्त किया कि 15 दिनों के भीतर एनटीपीसी के अधिकारी, स्थानीय अंचल अधिकारी, एमडीओ त्रिवेणी सैनिक माइनिंग के अधिकारी, भू-रैयतों के साथ त्रिपक्षीय वार्ता कर समस्याओं का निराकरण कर लिया जायेगा. मौके पर अंबेडकर गंझू, अशोक साव, जेएलकेएम के संजय कुमार महतो, सूरज साव, दिलेश्वर गंझू, रितेश गंझू सहित अन्य शामिल थे.
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