बजट में पेंशन के लिए पैसा नहीं देना आंदोलनकारियों का अपमान हजारीबाग. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा हजारीबाग इकाई ने शनिवार को उपायुक्त कार्यालय के समक्ष धरना दिया. अध्यक्षता जिलाध्यक्ष प्रवीण मेहता ने की. संचालन जिला महासचिव गणेश कुमार सीटू और उपाध्यक्ष नंदलाल साव ने किया. इस दौरान पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने कहा कि झारखंड सरकार उन आंदोलनकारी को अनदेखी कर रही है, जिनके आंदोलन के कारण आज प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हुए हैं. राज्य गठन हुए 25 वर्ष होने को हैं, पर आज तक आंदोलनकारियों को चिह्नित नहीं किया गया. यह झारखंड के लिए दुर्भाग्य की बात है. जिन लोगों ने झारखंड अलग राज्य के लिए खून पसीना बहाया, आज वही आंदोलनकारी प्रमाण पत्र पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष विदेशी महतो ने कहा कि झारखंड अलग होने के बाद से आज तक लगभग 25 बार राज्य सरकार बजट पेश की. लेकिन एक भी बजट में झारखंड आंदोलनकारियों के लिए एक रुपये का भी प्रावधान बजट में नहीं किया गया. आंदोलनकारियों की उचित मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए इनकी मांगों को तत्काल पूरा किया जाये, नहीं तो अलग राज्य की तरह एक बार फिर आंदोलन झारखंड में होगा. जिसकी शुरुआत 24 मार्च को विधानसभा घेराव से आरंभ हो रहा है. धरना को अनिरुद्ध प्रसाद, महेंद्र ठाकुर, जय नारायण मेहता, अर्जुन कुमार मेहता, निसार अहमद, बालेश्वर प्रसाद, गौतम प्रसाद, अजय साव, दुलारचंद प्रसाद, तपेश्वर राम भुईयां, मथुरा महतो, प्रेमचंद गुप्ता, बद्री महतो, सुधीर यादव, लालधन महतो, रामेश्वर राम कुशवाहा, दशरथ राय, महेंद्र राम, भीम मेहता, राधे कुमार, बद्री महतो खलील अंसारी, ठाकुर राम महतो, ललित महतो, कृष्ण कुमार मेहता, हकीम अंसारी, दीपक कुमार, मेहता, अर्जुन राम, राजू कुमार वर्मा चतरा, संतान सोनी चतरा, महेश मांझी, नंदलाल प्रसाद मेहता, विजय साहू, जमालउद्दीन अंसारी सहित कई लोगों ने संबोधित किया. अंत में मुख्यमंत्री के नाम उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया.
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