युवाओं के लिए आइसेक्ट विश्वविद्यालय का एआई मिशन बनेगा सहारा

डिजिटल क्रांति के इस दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तेजी से दुनिया की दिशा तय कर रहा है

ग्रामीण युवाओं को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना है : कुलाधिपति हजारीबाग. डिजिटल क्रांति के इस दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ) तेजी से दुनिया की दिशा तय कर रहा है. इसी परिप्रेक्ष्य में आईसेक्ट विश्वविद्यालय ने एआई मिशन की शुरुआत की है. कुलाधिपति संतोष चौबे ने गुरुवार को बताया कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं को एआई, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस और डिजिटल स्किल्स में प्रशिक्षित कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसरों से जोड़ना है. उन्होंने कहा कि आज दुनिया एआइ आधारित व्यवस्था की ओर बढ़ रही है और देश के युवा, खासकर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले छात्र, इस बदलाव का हिस्सा बनें और तकनीकी रूप से सशक्त हों. एआई मिशन के तहत विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, सर्टिफिकेशन कोर्स और प्रैक्टिकल लर्निंग मॉड्यूल तैयार किए गए हैं. इसका उद्देश्य छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ उद्योग की जरूरतों के अनुरूप कौशल प्रदान करना है. विश्वविद्यालय की ओर से इंटर्नशिप और प्लेसमेंट के अवसर भी उपलब्ध कराये जायेंगे. विशेष पहल के रूप में जल्द ही एआई कौशल रथ की शुरुआत की जायेगी. यह रथ विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों को एआई साक्षरता, डिजिटल स्किल्स और नई तकनीकों की जानकारी देगा. इस तरह आईसेक्ट विश्वविद्यालय ग्रामीण युवाओं को डिजिटल क्रांति का सक्रिय हिस्सा बनाने और उन्हें वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की दिशा में ठोस कदम उठा रहा है.

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Published by: Vikash nath

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