पदमा. उत्क्रमित उच्च विद्यालय चंपाडीह तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर शिक्षक लंबे समय से प्रखंड से लेकर जिला स्तर के अधिकारियों के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं. कई बार आवेदन और आश्वासन मिलने के बावजूद अब तक विद्यालय तक पहुंचने के लिए सड़क का निर्माण नहीं हो सका है. बरसात में समस्या और गंभीर हो गयी है. जिस खेत के रास्ते से शिक्षक और छात्र-छात्राएं किसी तरह विद्यालय पहुंचते थे, सोमवार को जमीन मालिक ने ट्रैक्टर से उसकी जुताई कर दी. इसके बाद पुराना रास्ता भी बंद हो गया है.
अब शिक्षक और छात्र-छात्राएं कीचड़ से भरे खेत के रास्ते से होकर विद्यालय पहुंचने को मजबूर हैं. कई लोग हाथ में चप्पल लेकर कीचड़ पार करते हैं. शिक्षकों के अनुसार, इस दौरान अब तक कई छात्र-छात्राएं और शिक्षक फिसलकर गिर चुके हैं और चोटिल भी हुए हैं. बारिश के कारण खेत में कीचड़ की स्थिति और खराब हो गयी है.
दो साल पहले बनी थी रास्ता बनाने की योजना
शिक्षकों के अनुसार, विद्यालय तक सड़क निर्माण की मांग को लेकर करीब आधा दर्जन बार बीडीओ, मुखिया और अन्य जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया जा चुका है. तत्कालीन बीडीओ निधि रजवार ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सीओ, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के साथ विद्यालय परिसर में बैठक करायी थी. बैठक में विद्यालय तक सड़क निर्माण के लिए भूमि चिह्नित की गयी थी.
रोमी और बिहारी पंचायत के मुखिया तथा पंचायत समिति सदस्यों ने भी सड़क निर्माण के लिए फंड उपलब्ध कराने की बात कही थी. बैठक में दो माह के भीतर सड़क निर्माण कराने की बात तय हुई थी. शिक्षकों का कहना है कि इस आश्वासन को करीब दो साल बीत गये, लेकिन सड़क निर्माण का काम शुरू नहीं हुआ. अब खेत की जुताई के बाद अस्थायी रास्ता भी बंद हो गया है.
डीसी और डीडीसी को भी दिया आवेदन
शिक्षकों ने बताया कि विद्यालय की समस्या को लेकर वे उपायुक्त और उप विकास आयुक्त से भी तीन बार मिलकर आवेदन दे चुके हैं. इसके बावजूद अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है. शिक्षकों का कहना है कि लगातार आवेदन देने और अधिकारियों से आश्वासन मिलने के बाद भी यदि सड़क नहीं बनती है, तो वे अपनी समस्या किसके सामने रखें.
विद्यालय के नये भवन का निर्माण हुए करीब दस वर्ष से अधिक समय हो चुका है. इसके बावजूद विद्यालय तक पहुंचने के लिए समुचित सड़क नहीं बन सकी है. बरसात में रास्ता पूरी तरह कीचड़मय हो जाने से छात्र-छात्राओं के साथ शिक्षकों को भी परेशानी होती है. शिक्षकों ने विद्यालय तक स्थायी सड़क निर्माण कराने की मांग की है.
समस्या का समाधान कराना प्राथमिकता : बीडीओ
बीडीओ निधि रजवार ने कहा कि विद्यालय तक पहुंचने के लिए रास्ता नहीं होने की जानकारी मिलने के बाद से ही समस्या के समाधान का प्रयास किया जा रहा है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अभिभावकों के साथ बैठक कर समाधान का प्रयास किया गया था. इसके बाद भी प्रत्येक समीक्षा बैठक में उपायुक्त और उप विकास आयुक्त के समक्ष इस समस्या को रखा जाता रहा है. उन्होंने कहा कि उपायुक्त से मिलकर समस्या को फिर से रखा जायेगा. बच्चों और शिक्षकों का इस तरह कीचड़ भरे रास्ते से विद्यालय जाना स्वीकार्य नहीं है.
