Hazaribagh में RO पानी की सप्लाई ठप, 52 प्लांट बंद; लाइसेंस के विरोध में हड़ताल, शहर में बढ़ी परेशानी

हजारीबाग में लाइसेंस और बोरवेल के विरोध में आरओ वाटर सप्लायर हड़ताल पर हैं, जिससे शहर में पेयजल का संकट गहरा गया है। जानें पूरी खबर।

हजारीबाग: लाइसेंस की अनिवार्यता और अवैध बोरवेल सील करने के विरोध में हजारीबाग के जार व आरओ वाटर सप्लायर सोमवार से हड़ताल पर चले गये. सप्लायरों की हड़ताल का सीधा असर शहरवासियों पर पड़ा. घरों, दुकानों और कार्यालयों में आरओ पानी के जार की आपूर्ति नहीं होने से लोगों को पेयजल के लिए परेशानी उठानी पड़ी.

शहर और आसपास के क्षेत्रों में 100 से अधिक जार और आरओ वाटर प्लांट संचालित होने की बात सामने आयी है. नगर निगम की ओर से हाल में इन प्लांटों का सर्वे कराया गया था. इसके बाद निगम ने प्लांट संचालकों को लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया. इसी के विरोध में सप्लायर संघ ने हड़ताल का निर्णय लिया.

31 अगस्त तक दिया गया था समय

नगर निगम ने 22 अगस्त को सहायक नगर आयुक्त की अध्यक्षता में आरओ वाटर प्लांट संचालकों के साथ बैठक की थी. बैठक में झारखंड नगर निगम अधिनियम 2011 की धारा 224 और 209 तथा पेयजल एवं रिवर्स ऑस्मोसिस वाटर उपचार संयंत्र संचालन अनुज्ञप्ति नियमावली 2024 के प्रावधानों की जानकारी संचालकों को दी गयी थी.

प्लांट संचालकों को 31 अगस्त तक लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का समय दिया गया था. समय सीमा खत्म होने के बाद संचालकों ने लाइसेंस लेने के बजाय हड़ताल का रास्ता अपनाया.

52 प्लांटों की जांच, सभी मिले बंद

नगर निगम के पेयजल से संबंधित अधिकारी अरुण बावरी ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र में 52 आरओ वाटर प्लांट हैं. सोमवार को सभी प्लांटों की जांच की गयी, जिसमें सभी प्लांट बंद मिले.

निगम का कहना है कि निर्धारित नियमों के अनुसार ही आरओ वाटर प्लांट का संचालन किया जाना चाहिए. लाइसेंस और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करना संचालकों के लिए जरूरी है.

लाइसेंस और बोरवेल को लेकर सप्लायरों की आपत्ति

वहीं, सप्लायर संघ का कहना है कि लाइसेंस की प्रक्रिया और बोरवेल को लेकर उनकी आपत्तियों पर प्रशासन को विचार करना चाहिए. संघ ने इन्हीं मुद्दों को लेकर हड़ताल शुरू की है.

हड़ताल कितने दिनों तक चलेगी, इसका फैसला संघ के अगले निर्णय पर निर्भर करेगा. फिलहाल आरओ पानी के जार पर निर्भर शहरवासियों के सामने पेयजल की समस्या खड़ी हो गयी है. यदि हड़ताल लंबी चली, तो लोगों की परेशानी और बढ़ सकती है.

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By Prabhat khabar news desk

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