हजारीबाग. महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) से महात्मा गांधी का नाम हटाये जाने का जिला कांग्रेस कमेटी ने विरोध किया है. जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने मनरेगा का नाम बदल कर जी राम जी रखे जाने का कड़ा विरोध किया. उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी मनरेगा बचाओ अभियान के तहत पांच जनवरी को दिन के 11 बजे बजे से महात्मा गांधी प्रतिमा स्थल मोरहाबादी रांची से लोकभवन (राजभवन) तक पदयात्रा की जायेगी. श्री अनवर ने कहा कि मनरेगा से भाजपा सरकार द्वारा महात्मा गांधी का नाम हटाने का निर्णय वैचारिक है. यह नाम परिवर्तन गांधीजी के मूल्यों के प्रति भाजपा-आरएसएस की दीर्घकालिक असहजता और अविश्वास को दर्शाता है. यह भाजपा का एक जन केंद्रित कल्याणकारी कानून से राष्ट्रपिता के जुड़ाव को मिटाने का प्रयास है. यह मांग आधारित, वैधानिक अधिकार की जगह एक केंद्र नियंत्रित योजना है, जिसमें न तो रोजगार के लिए कोई कानून लागू की जा सकने वाली गारंटी है न सार्वभौमिक कवरेज और न ही यह आश्वासन कि आवश्यकता के समय लोगों को काम मिलेगा. नया विधेयक इस जिम्मेदारी से पीछे हटना चाहता है, बोझ राज्यों पर डालता है, आवंटनों पर सीमा लगता है और मांग आधारित कार्यक्रम की बुनियाद को कमजोर करता है. इससे संघवाद कमजोर होता है और वित्तीय बाधाओं के कारण राज्यों को काम की मांग दबाने के लिए मजबूर होना पड़ता है. गांधीजी की विरासत, श्रमिकों के अधिकार और संघीय जिम्मेदारी पर यह संयुक्त हमला भाजपा-आरएसएस की उस बड़ी साजिश को उजागर करता है, जिसके तहत अधिकार आधारित कल्याण को समाप्त कर केंद्र नियंत्रित दया-दान की व्यवस्था से बदला जा रहा है. प्रेसवार्ता में वरिष्ठ कांग्रेसी अशोक देव, प्रदेश सचिव बिनोद सिंह, शशि मोहन सिंह, जिला मीडिया अध्यक्ष निसार, पूर्व नगर अध्यक्ष मनोज नारायण भगत आदि उपस्थित थे.
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