अजय ठाकुर की रिपोर्ट
हजारीबाग जिले के चौपारण प्रखंड़ के सुदूरवर्ती पत्थलगड़ा निवासी नाबालिग एक माह से लापता रीना अपने गांव लौट आयी. गुजरात पुलिस के प्रयास से रीना को गुजरात रेलवे स्टेशन पुलिस के सहयोग से सकुशल बरामद कर लिया गया. सोमवार को वह अपने पिता रंजीत भुइयांं और मां के साथ वापस गांव पहुंची, तो परिजनों और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली.
एक माह पूर्व अपनी बुआ के साथ निकली थी घर से
पत्थलगड़ा की रहने वाली रीना करीब एक माह पूर्व अपनी बुआ के साथ घर से निकली थी. भला उसे क्या मालूम उसकी बुआ रीना को अपना घर नहीं ले जाकर कही और ले जा रही है. जब रीना के पिता उसके बुआ के घर पहुंचे, तो वहां न ही उसकी बुआ थी और न ही रीना. उसके बाद परिवार वाले खोजबीन कर थक गये थे. इसी बीच अचानक रीना गुजरात से अपनी बहन के पास फोन किया. बताया कि हम गुजरात पुलिस के संरक्षण में है. जब उस नंबर पर इधर से लोग फोन करने लगे, तो उसका मोबाइल ऑफ आने लगा. रीना किसी अन्य व्यक्ति को आपबीती सुनायी.
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गुजरात पुलिस की मदद से परिजनों से मिली
गुजरात पुलिस ने चौपारण पुलिस को इसकी सूचना दिया. पुलिस ने घर वालों को बताया कि उसकी बेटी रीना कुमारी गुजरात पुलिस के संरक्षण में है. गुजरात पुलिस की सक्रियता और लगातार कार्रवाई के परिणामस्वरूप रीना सकुशल घर लौट पायी. सूचना के बाद समाज सेवी नागेंद्र कुशवाहा के प्रयास से रीना के माता पिता गुजरात पहुंचे, जहां सरकारी प्रक्रिया से जांचोपरांत गुजरात पुलिस ने रीना को उसके माता पिता को सौंप दिया. रंजीत ने बताया गुजरात पुलिस आने का किराया एवं खाने के नकद पैसा भी दिया. रीना के मुताबिक उसकी बुआ उसे लेकर मुंबई जाने की फिराक में थी. मुंबई के लिए ट्रेन बैठने वाली थी. तभी पुलिस को भनक लग गयी. रीना के साथ कुछ और भई बच्चे थे.,जिन्हें अलग-अलग लोग लेकर मुंबई जा रहे थे.
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