जनजातीय भाषा परीक्षा पास नहीं करनेवाले लिपिकों से राशि वसूलें

आरजेडीइ ने सात जिले के शिक्षा अधिकारियों को दिया पत्र

By SUNIL PRASAD | January 10, 2026 10:59 PM

हजारीबाग. क्षेत्रीय संयुक्त शिक्षा निदेशक (आरजेडीइ) प्रभारी प्रवीण रंजन ने शनिवार देर शाम पत्र जारी किया है. पत्र की प्रति उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के अधीन सभी सात जिले हजारीबाग, चतरा, कोडरमा, गिरिडीह, बोकारो, धनबाद एवं रामगढ़ के शिक्षा अधिकारियों को दी गयी है. इसमें डीइओ, डीएसइ, अनुमंडल शिक्षा पदाधिकारी, क्षेत्र शिक्षा पदाधिकारी, डाइट प्राचार्य एवं संस्कृत उच्च विद्यालय के प्रबंधक शामिल हैं. वहीं, इसकी सूचना प्रमंडलीय आयुक्त सहित विभागीय सचिव एवं निदेशक (माध्यमिक शिक्षा विभाग) को दी गयी है. प्रभारी आरजेडीइ श्री रंजन ने बताया कि शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त लिपिक राज कुमार राम (ओकनी, नियर काली मंदिर, हजारीबाग) की शिकायत को गंभीरता से लिया गया है. पूरे प्रमंडल के अलग-अलग शिक्षा कार्यालयों में लगभग 500 से अधिक लिपिक कार्यरत हैं. वहीं, अकेले हजारीबाग जिले के अलग-अलग शिक्षा कार्यालयों में लगभग 100 से अधिक लिपिक कार्यरत हैं. कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार राजभाषा विभाग (झारखंड सरकार) की अधिसूचना संख्या 499 दिनांक 31 अगस्त 2010 के अनुसार वार्षिक वेतन वृद्धि में लाभ लेने से पहले एक-एक लिपिक को जनजातीय भाषा परीक्षा पास करना अनिवार्य किया गया है. इधर शिकायत के अनुसार कई लिपिकों ने बगैर जनजातीय भाषा परीक्षा उत्तीर्ण किये लंबे समय से वार्षिक वेतन वृद्धि का लाभ ले लिया है. आरजेडीइ ने शिक्षा अधिकारियों से वैसी लिपिक की पहचान कर सभी से ब्याज के साथ पैसे की वसूली कर रिपोर्ट मांगी है.

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