PM Awas Yojana : आवास की स्वीकृति में रिश्वत तय, झारखंड के किस इलाके में चल रहा है ये खेल

PM Awas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना में वसूली का आरोप लगाया गया है. आवास की स्वीकृति, जियो टैगिंग व किस्त भुगतान के लिए हर चरण में रिश्वत तय है. ग्रामीण की ओर से यह आरोप लगाया गया है.

PM Awas Yojana : प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गिद्दी से खबर आई है. बताया जा रहा है कि गरीबों को पक्का मकान देने के उद्देश्य से शुरू की गयी प्रधानमंत्री आवास योजना फिलहाल डाड़ी प्रखंड में लूट और भ्रष्टाचार का अड्डा बन गयी है. एसीबी की कार्रवाई से इस बात का खुलासा हो गया है कि योजना के नाम पर गरीब व असहाय परिवारों से पैसे की वसूली की जा रही है.

आवास की स्वीकृति में रिश्वत तय

ग्रामीणों का आरोप है कि आवास की स्वीकृति, जियो टैगिंग व किस्त भुगतान के लिए हर चरण में रिश्वत तय है. बिना चढ़ावा दिये न तो फाइल आगे बढ़ती है और न ही खाते में रुपया पहुंचता है. जानकार सूत्रों का कहना है कि लाभुकों से प्रति आवास पर पांच हजार से लेकर 20 हजार रुपये तक की वसूली की जाती है. डाड़ी प्रखंड की कई पंचायतों में कई गरीब परिवार है, जो वर्षों से मिट्टी के घरों में रहने को मजबूर है. आवास सूची में उनका नाम नहीं है. साठगांठ के दम पर सक्षम लोगों को आवास स्वीकृत कर दिया गया है. ग्रामीणों का कहना है कि कुछ पंचायतकर्मी और बिचौलिये मिल कर लाभुकों को डारने-धमकाने का काम करते हैं. जो गरीब लाभुक रिश्वत देने से इंकार करता है, उसका आवास लटका दिया लाता है या नाम सूची से काट देने की धमकी दी जाती है.

लाभुकों को नि:शुल्क इस योजना का लाभ दिया जाता है

प्रधानमंत्री आवास सरकार की योजना है. लाभुकों को नि:शुल्क इस योजना का लाभ देना है, लेकिन यहां बिना पैसे के कोई काम नहीं होता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व सरकार से डाड़ी प्रखंड में प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए विशेष जांच टीम गठित करने, गरीबों को बिना रिश्वत उनका हक का आवास दिलाने तथा दोषी कर्मियों और बिचौलियों व अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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