हजारीबाग: कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सोमवार को हजारीबाग के नगवा और चुरचू गांव पहुंचकर मत्स्य प्रभाग की विभिन्न योजनाओं का जमीनी जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने योजनाओं के लाभुकों से सीधे संवाद कर रोजगार, आय में वृद्धि, योजनाओं से मिल रहे लाभ और सामने आ रही चुनौतियों की जानकारी ली.
मंत्री ने कहा कि किसी भी सरकारी योजना की सफलता कागजों पर नहीं, बल्कि लाभुकों के जीवन में आये बदलाव से तय होती है. उन्होंने अधिकारियों को योजनाओं की नियमित जमीनी समीक्षा करने और लाभुकों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने का निर्देश दिया.
25 बायोफ्लॉक टैंक की यूनिट पर 60% तक अनुदान
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने बायोफ्लॉक योजना के लाभुकों से भी बातचीत की. उन्होंने मत्स्य पालन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत करने और युवाओं के लिए स्वरोजगार का बेहतर माध्यम बताया.
बताया गया कि 25 बायोफ्लॉक टैंक की एक इकाई की लागत करीब 25 लाख रुपये है. इस पर सरकार की ओर से 60 प्रतिशत तक अनुदान देने का प्रावधान है. मंत्री ने लाभुकों से योजना के तहत होने वाली आय और सामने आ रही व्यावहारिक समस्याओं की जानकारी ली.
मोती की खेती को मिलेगा बढ़ावा
मंत्री ने हजारीबाग में विकसित हो रहे पर्ल क्लस्टर और मोती की खेती का भी अवलोकन किया. उन्होंने कहा कि मोती की खेती किसानों की आय बढ़ाने का अतिरिक्त जरिया बन सकती है.
सरकार की ओर से मोती की खेती के लिए प्रति यूनिट 16 हजार रुपये की सहायता उपलब्ध करायी जा रही है. मंत्री ने कहा कि मोती की खेती को और व्यवस्थित एवं व्यापक बनाने के लिए किसानों को तकनीकी प्रशिक्षण, बेहतर बाजार और आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जायेगा.
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ वास्तविक लाभुकों तक पहुंचाने के साथ-साथ उनकी समस्याओं की नियमित निगरानी की जाये.
मौके पर मत्स्य निदेशक और जिला कृषि पदाधिकारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे.
