बरही. हजारीबाग जीवन रीनैब फाउंडेशन के बरही स्थित नशा मुक्ति केंद्र में शनिवार की रात सुरेश कुमार यादव (23 वर्ष) की मृत्यु हो गयी. ग्राम श्रीनगर के इस युवक को उसके पिता शिव सहाय यादव ने शुक्रवार की रात पुराने अनुमंडल अस्पताल के पास स्थित इस नशा मुक्ति केंद्र में नशे की लत छुड़ाने के लिए भर्ती कराया था. घटना के बाद रविवार की सुबह केंद्र के बाहर मृतक के परिजनों व ग्रामीणों की भीड़ जुट गयी. लोग केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा करने लगे. इनमें से कई लोग केंद्र में भर्ती अपने संबंधियों से मिलने व उसे घर ले जाने के लिए हल्ला कर रहे थे. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में किया. घटना को लेकर मृतक के भाई राजेश कुमार यादव ने बरही थाना में आवेदन दिया है. आवेदन के अनुसार नशा मुक्ति केंद्र से छह जून को रात करीब 11.15 बजे फोन आया, जिसमें कहा गया कि सुरेश कुमार यादव सीरियस है. उसे बरही अनुमंडलीय अस्पताल इलाज के लिए ले जाया गया है. सात जून की सुबह हॉस्पिटल पहुंचे, तो भाई सुरेश यादव हॉस्पिटल के स्ट्रेचर पर मृत पड़ा हुआ था. उसकी गर्दन पर चोट के निशान थे. यह देखने के बाद नशा मुक्ति केंद्र पर गये, तो वहां अंदर से ताला बंद था. आवेदन में नशा मुक्ति केंद्र के निदेशक शुभम कुमार गुप्ता व कर्मियों पर हत्या का आरोप लगाया गया है. पुलिस निदेशक शुभम गुप्ता व करण सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. करण सिंह ने बताया कि सुरेश यादव के पिता ने उसे गंभीर स्थिति में शुक्रवार की रात दो बजे नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराया था. केंद्र में उसका इलाज किया गया. शनिवार की शाम नाश्ता करने के बाद वह सो गया था. केंद्र के लोग रात करीब 10 बजे उसे खाना खाने के लिए उठाने गये. वह नींद से जागा पर तुरंत ही उसकी मौत हो गयी. वह ब्राउन शुगर का एडिक्ट था.
बरही नशा मुक्ति केंद्र में मरीज की मौत, हंगामा
केंद्र संचालक पर हत्या का आरोप
