प्रभात खबर आपके द्वार: कार्यक्रम में लोगों ने खुल कर रखी अपनी बातें बरही. जिला परिषद का बरही सार्वजनिक बस स्टैंड वर्षों से बेकार पड़ा है. एनएच 31, एनएच 33 व जीटी रोड पर अवस्थित इस बस स्टैंड पर यात्री वाहनों का ठहराव हो ही नहीं रहा है. इस वजह से बस स्टैंड का लाभ स्थानीय यात्रियों को नहीं मिल रहा है. कुछ साल पहले लगभग 50 लाख की राशि खर्च कर इसका जीर्णोद्धार कराया गया. जीर्णोद्धार के बाद भी बस स्टैंड पर यात्री वाहनों का ठहराव सुनिश्चित नहीं कराया गया. क्या कहते हैं बरही के लोग :सामाजिक कार्यकर्ता रमेश ठाकुर ने कहा इस बस स्टैंड में जब यात्री वाहनों का ठहराव नहीं कराना था, तो इसके जीर्णोद्धार में इतनी बड़ी राशि क्यों खर्च की गयी. अशोक सिंह ने कहा, अब तो यहां इसकी सारी संरचनाएं टूटती जा रही है. स्टैंड का पीसीसी सरफेस टूट रहा है. रवि सिंह ने कहा यूरिनल बेकार हो गया है. पेयजल की व्यवस्था की गयी है, जिसका नल और बेसिन टूट गया है. दिलीप एक्का ने कहा स्टैंड जुआरियों का अड्डा बन गया है. देवा यादव ने कहा कि यहां आवारा मवेशी व सूअर विचरण करते रहते हैं. व्यवसायी दिलीप केसरी ने कहा स्टैंड में यात्री वाहनों के नहीं रुकने से चाय, नाश्ता, भोजन के छोटे दुकानदारों की रोजी पर असर पड़ा है. स्टैंड में चार स्टॉल का निर्माण किया गया, पर किसी क़ो आवंटित ही नहीं किया गया. तोखन रविदास ने कहा यात्री बसों का इस सुनिश्चित स्टैंड में ठहराव नहीं हो रहा, तो इसकी जवाबदेही स्थानीय प्रशासन की है. अविभाजित बिहार के समय यहां सैकड़ों यात्री बसे रूकती थी, जिसके चलते हजारीबाग रोड गुलजार रहा करता था. इनके अलावा हजारीबाग रोड के व्यवसायी उदय केसरी, राजेश गुप्ता, वाल्मीकि गुप्ता, सुनील चंद्रवंशी, पप्पू चंद्रवंशी, अनुज सोनी, आदित्य कसेरा, रूपेश चंद्रवंशी ने भी इस बस स्टैंड को चालू करने की मांग की है.
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