वेतन भुगतान में बिना अधिसूचना बायोमेट्रिक अनिवार्यता पर आपत्ति

विभावि स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने बैठक कर जतायी नाराजगी

हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय में वेतन भुगतान को लेकर उत्पन्न विवाद पर स्नातकोत्तर शिक्षक संघ ने आपत्ति जतायी है. संघ का आरोप है कि वेतन निकालने से पूर्व अनावश्यक शर्तें जोड़ी जा रही है, जिससे शिक्षकों में हताशा बढ़ रही है. शिक्षकों का कहना है कि विभागाध्यक्ष व निदेशकों की ओर से सत्यापित मासिक उपस्थिति विवरणी को बिना किसी लिखित आदेश के लौटा दिया गया. एक सहायक कर्मी ने यह कहा कि अब उपस्थिति विवरणी के साथ बायोमेट्रिक प्रतिवेदन संलग्न करना अनिवार्य होगा. जबकि इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से कोई आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की गयी है. शिक्षकों ने बायोमेट्रिक मशीनों की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाया. कह कि बिजली बाधित रहने तथा मशीन द्वारा उंगली या चेहरे की सही पहचान नहीं होने से प्रतिवेदन त्रुटिपूर्ण हो सकते हैं. ऐसे में वेतन को शर्तों से जोड़ना उचित नहीं है. इस मुद्दे पर गुरुवार को स्नातकोत्तर एवं व्यावसायिक विभागों के शिक्षकों की आपात बैठक हुई, जिसमें प्रशासनिक कार्यशैली पर नाराजगी जतायी गयी. संघ ने कहा कि लंबित पदोन्नति और अन्य समस्याओं के बीच शिक्षकों का मनोबल तोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण है. शुक्रवार को संघ की आमसभा की बैठक बुलायी गयी है. बैठक में डॉ सुकल्याण मोइत्रा, सचिव डॉ गोविंद झा, डॉ इफ्शा खुर्शीद, डॉ राजेंद्र मिस्त्री, डॉ गंगानंद सिंह, डॉ डीएन राम, डॉ सुनील कुमार दुबे, डॉ राजू राम, डॉ गंगानाथ झा, डॉ संतोष सिंह, डॉ अरुण कुमार मिश्रा, डॉ विनीता बनकीरा, डॉ अमिता कुमारी, डॉ संतोष श्रीवास्तव, डॉ नीरज डांग, डॉ केदार सिंह, डॉ सुबोध कुमार सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल थे.

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By SUNIL PRASAD

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