गैरमजरूआ जमीन को लेकर अधिकारियों व रैयतों के बीच बैठक
गैरमजरूआ जमीन का मुआवजा देने की मांग को लेकर अधिग्रहित क्षेत्र के विस्थापित एवं प्रभावितों ने सिकरी साइट कार्यालय के समीप बैठक हुई.
By VIKASH NATH | Updated at :
बड़कागांव. गैरमजरूआ जमीन का मुआवजा देने की मांग को लेकर अधिग्रहित क्षेत्र के विस्थापित एवं प्रभावितों ने सिकरी साइट कार्यालय के समीप बैठक हुई. अध्यक्षता किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष पूर्व विधायक लोकनाथ महतो ने की. बैठक में बड़ी संख्या में केरीगढ़ा, बड़कागांव एवं चमगढ़ा के रैयत शामिल हुए. रैयतों ने चमगढ़ा से केरीगढ़ा तक बन रही सड़क का विरोध जताया. कोल कंपनी की भूमि अधिग्रहण उप प्रबंधक गुंजन रघाटे, त्रिवेणी सैनिक के लैंड महाप्रबंधक श्याक पॉल, उपमहाप्रबंधक उत्तम झा शामिल होकर रैयतों से वार्ता की. रैयतों ने कहा कि जब तक गैरमजरूआ भूमि का भुगतान रैयती के सम तुल्य के अनुसार किया जाये. अधिकारियों ने भारत सरकार के सर्कुलर का हवाला देते हुए बताया कि यदि गैरमजरूआ भूमि जिनका दखल कब्जा के साथ वैध कागजात 30 वर्षों से पुराना का होगा, उन्हें फोरमेन कमेटी से सत्यापित के बाद रैयती के दर से मुआवजा का भुगतान किया जायेगा. गैरमजरूआ भूमि का वैध कागजात हो, वह दो से तीन दिनों के अंदर रैयतों का एक टीम गठित कर कागजातों को कार्यालय में जमा करें. सत्यापन के बाद आगे की कार्रवाई के लिए फोरमेन कमेटी के पास भेजी जायेगी. जिसमें कंपनी के अधिकारी भी सहयोग करेंगे.