गैस की किल्लत, एजेंसी के बाहर अहले सुबह से लाइन

घंटों इंतजार के बाद भी कई उपभोक्ताओं को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है

चौपारण. प्रखंड में रसोई गैस की किल्लत थमने का नाम नहीं ले रही है. हालात ऐसे हैं कि उपभोक्ताओं को अहले सुबह ही गैस एजेंसी के बाहर लाइन लगानी पड़ रही है. बावजूद घंटों इंतजार के बाद भी कई लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है. रसोई गैस के लिए अहले सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही है. ब्रह्मर्षि समाज के अध्यक्ष सुधीर सिंह, दवा व्यवसायी असीम चटर्जी उर्फ छोटू दा, प्रदीप केसरी, मुखिया उषा देवी व अभिमन्यु प्रसाद भगत ने कहा कि पिछले कई दिनों से गैस सिलिंडर की आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है. एजेंसी पर सिलिंडर पहुंचते ही कुछ ही समय में खत्म हो जा रहा है. जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. कई उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि पर्याप्त स्टॉक नहीं होने के कारण उन्हें बार-बार चक्कर लगाना पड़ रहा है.

होटल-ढाबों पर संकट, बढ़े खाने के दाम

गैस की किल्लत का असर घर की रसोई के साथ-साथ छोटे होटल और ढाबों पर भी पड़ रहा है. होटल संचालक शंकर प्रसाद गुप्ता, मनोज यादव, मुकेश कुमार, अमर कुमार ने कहा गैस नहीं मिलने से उन्हें लकड़ी या कोयले का सहारा लेना पड़ रहा है. जिससे लागत बढ़ रही है और खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ाने पड़ रहे हैं. उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से गैस की आपूर्ति व्यवस्था को दुरुस्त करने एवं एजेंसियों की निगरानी बढ़ाये जाने की मांग की है, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके.

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By SUNIL PRASAD

SUNIL PRASAD is a contributor at Prabhat Khabar.

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