खरसावां गोलीकांड आजाद भारत के इतिहास का एक काला अध्याय

जेएलकेएम ने खरसावां गोलीकांड में मारे गये लोगों को दी श्रद्धांजलि, कहा

विष्णुगढ़. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा विष्णुगढ़ प्रखंड इकाई ने खरसावां गोलीकांड के विरोध में गुरुवार को काला दिवस मनाया. साथ ही श्रद्धांजलि सभा आयोजित की. इस दौरान खरसावां गोलीकांड में मारे गये लोगों व झारखंड आंदोलनकारी पूर्व विधायक सह पूर्व सांसद टेकलाल महतो की के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. खरसावां गोलीकांड के विरोध में कार्यकर्ताओं ने माथे पर काला पट्टा बांध रखा. पूर्व जिप सदस्य जय प्रकाश सिंह पटेल महतो ने कहा कि आजाद भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और दर्दनाक अध्याय खरसावां गोलीकांड एक जनवरी 1948 को हुआ था. प्रखंड अध्यक्ष कौलेश्वर महतो ने कहा कि जल, जंगल और ज़मीन पर अपने हक की आवाज बुलंद करने निकले निहत्थे आदिवासियों पर गोलियां बरसायी गयी. हजारों सपने कुचल दिये गये. 1948 में यहां के लोग अपने आप को ओडिसा राज्य में विलय के पक्ष में नहीं थे. इससे उनकी जमीनों के साथ उनकी भाषा और संस्कृति को खतरा था. आज भी झारखंड के आदिवासी-मूलवासी अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. फर्क सिर्फ इतना है कि उस समय जमीन बचाने की लड़ाई लड़नेवालों को गोलियों से मारा जाता था. आज लाठी-डंडे से पिटाई की जा रही है. मौके पर डॉ थानेश्वर महतो, हेमलाल महतो, सुशील महतो, चुरामन महतो, जोधा महतो, सोहर महतो, रवि महतो, जेएलकेएम केंद्रीय संगठन महासचिव माही पटेल, जिलाध्यक्ष सह उप प्रमुख सरयू साव, प्रखंड सचिव प्रेमचंद महतो, प्रखंड उपाध्यक्ष सुरेश कुमार महतो, रामचंद्र राम, नंदलाल महतो, कोषाध्यक्ष प्रदीप कुमार, प्रवक्ता महेश कुमार, अनिल कुमार, सिकंदर कुमार, विजय महतो, रवि कुमार, संजय कुमार, हेमंत कुमार समेत कार्यकर्ता उपस्थित थे.

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Published by: Sunil prasad

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