हजारीबाग: खान और खनिज संशोधन विधेयक के विरोध में झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) सात सितंबर को हजारीबाग जिले के सभी प्रखंड मुख्यालयों में धरना-प्रदर्शन करेगा. कार्यक्रम की तैयारी को लेकर हीराबाग स्थित झामुमो जिला कार्यालय में बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश और सदर प्रखंड अध्यक्ष रामकुमार मेहता ने की, जबकि संचालन निसार अहमद ने किया.
बैठक में सात सितंबर को प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन को सफल बनाने की रणनीति पर चर्चा की गयी. जिला प्रवक्ता सह नगर संयोजक कुणाल यादव ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा पारित खान और खनिज संशोधन विधेयक झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्यों के अधिकारों पर सीधा हमला है. उन्होंने कहा कि झामुमो इस मुद्दे पर राज्य के अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन करेगा.
झामुमो ने कहा- कमजोर होंगे राज्य के अधिकार
नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने कहा कि इस कानून के माध्यम से राज्य सरकारों के वित्तीय और संवैधानिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है. इसका सबसे अधिक नुकसान झारखंड जैसे खनिज संपदा वाले राज्य को होने का दावा उन्होंने किया.
उन्होंने कार्यकर्ताओं से सात सितंबर को आयोजित धरना-प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शामिल होने और कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया.
सदर प्रखंड अध्यक्ष रामकुमार मेहता ने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं है, बल्कि झारखंड के हक और अधिकारों की रक्षा से जुड़ा विषय है. उन्होंने कहा कि प्रखंड स्तर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का प्रयास किया जायेगा.
खनिज संपदा को विकास की आधारशिला बताया
वरिष्ठ नेता यासीन अंसारी ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा राज्य की विकास यात्रा की आधारशिला है. यदि राज्य के अधिकारों को कमजोर किया गया, तो इसका असर जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों पर पड़ सकता है.
बैठक में यासीन अंसारी, महिला नेत्री श्वेता दुबे, राजीव वर्मा, मो. शमीम, अजय कुमार, बीरबल मेहता, गुलाबदेव कुमार, नंदूवीर राम, नवीन कुमार, रंजीत कुमार, सरिता देवी, फिरोजा खातून, याश्मीन खातून, अंजुम आरा, सानिया खातून, मो. बदरुद्दीन, संजय कुमार, शोएब, सोहन कुमार समेत कई कार्यकर्ता मौजूद थे.
