हजारीबाग. झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग ने समाहरणालयों में कार्यरत लिपिकीय संवर्ग के कर्मचारियों के लिए नई सेवा नियमावली लागू कर दी है. झारखंड राज्य समाहरणालय लिपिकीय संवर्ग (भर्ती, प्रोन्नति एवं अन्य सेवा शर्तें) नियमावली, 2026 राजपत्र में प्रकाशन के साथ प्रभावी हो गई है. इसके साथ ही वर्ष 2016 की नियमावली को निरस्त कर दिया गया है. हालांकि, पुरानी नियमावली के तहत की गई सभी नियुक्तियां, आदेश और प्रशासनिक कार्रवाई वैध मानी जाएंगी.इस बदलाव को लेकर समाहरणालय संवर्ग से सभी लिपिको ने उपायुक्त से मिलकर यह जानकारी दी तथा उनका मार्गदर्शन लिया.
उपायुक्त सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई दी तथा नई जिम्मेवारियों को कर्तव्यपरायणता के साथ करने को कहा. नई नियमावली में लिपिकीय संवर्ग की संरचना, नियुक्ति, प्रोन्नति, वरीयता, परिवीक्षा अवधि तथा अन्य सेवा शर्तों को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है. इसके तहत सहायक-सह-कंप्यूटर संचालक, वरीय सहायक समेत विभिन्न पदों पर नियुक्ति और पदोन्नति की प्रक्रिया को अधिक सुव्यवस्थित बनाया गया है.
नई व्यवस्था के तहत समाहरणालय संवर्ग के पदनामों में भी बदलाव किया गया है. अब निम्नवर्गीय लिपिक को सहायक, उच्चवर्गीय लिपिक को वरीय सहायक, प्रधान लिपिक को सहायक प्रशासी पदाधिकारी, कार्यालय अधीक्षक को प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-2 तथा प्रशासी पदाधिकारी को प्रशासी पदाधिकारी ग्रेड-1 के नाम से जाना जाएगा. राज्यपाल के आदेश से जारी इस अधिसूचना का उद्देश्य सेवा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाना है.
