सड़-सड़ कर मरने से अच्छा है लड़ कर मरना : जयराम

गांधी के तरीके से हक नहीं मिला, तो भगत सिंह का तरीका अपनायेंगे

काेनार डैम विस्थापितों का दो दिवसीय धरना समाप्त गांधी के तरीके से हक नहीं मिला, तो भगत सिंह का तरीका अपनायेंगे विष्णुगढ़ प्रखंड के कोनार डैम में विस्थापित प्रभावितों का दो दिवसीय धरना शनिवार को समाप्त हो गया. झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष सह डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो धरना में शामिल हुए. उन्होंने कहा कि झारखंड राज्य में विस्थापितों का दर्द ही था, जिसने अलग राज्य को बल दिया. श्री महतो ने विनोद बाबू, जयपाल सिंह मुंडा और एके राय का जिक्र करते हुए कहा कि इस देश में गांधी को भी मानते हैं और भगत सिंह को भी मानते हैं. एक बार गांधी के तरीके से हक मांग रहे हैं, भगत सिंह के तरीके से भी मांगेंगे. सड़-सड़ कर मरने से अच्छा लड़ कर मरना चाहेंगे. वैसे भी विष्णुगढ़ वीरों की धरती है. इस प्रखंड के बलकमक्का गांव के सात लोगों ने झारखंड अलग की लड़ाई में शहादत दी है. धरना में जेएलकेएम के संगठन मंत्री महेंद्र प्रसाद महतो उर्फ माही पटेल, पूर्व विधायक प्रत्याशी बिहारी महतो, पूर्व जिप सदस्य जय प्रकाश सिंह पटेल, 20 सूत्री उपाध्यक्ष छोटेलाल बेसरा, जेएलकेएम प्रखंड अध्यक्ष कौलेश्वर महतो, सत्येंद्र महतो, सचिव गंगाधर महतो, उपाध्यक्ष सुरेश कुमार, सुनील कुमार, चितरंजन महतो, अनिल महतो, बबलू बेसरा, महाराज, बप्पु बेसरा, टुनटुन हेंब्रम, संतोष बेसरा, बैजु टुडू, मिहीलाल बेसरा, भेखलाल हेंब्रम, संझला सोरेन, लालु टुडू, आकाश मरांडी, तालो बेसरा, साहेबरम हेंब्रम, शंकर हेंब्रम, थनु सिंह, शनिचर सिंह, अजीत करमाली, रती बेसरा समेत कई विस्थापित ग्रामीण उपस्थित थे.

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By Deepesh kumar

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