टाटीझरिया (हजारीबाग): रात का सन्नाटा था और ग्रामीण अपने घरों में सोने की तैयारी कर रहे थे, तभी अचानक 25 की संख्या में हाथियों का झुंड गांव आ धमका. और गांव में खूब उत्पात मचाया. हाथियों के गांव आने की खबर मिलते ही ग्रामीण दहशत और अफरा-तफरी का माहौल बन गया. बता दें, यह पूरा मामला जिले के टाटीझरिया प्रखंड के केसडा गांव का है जहां अचानक रात के अंधेरे में हाथियों का झुंड गांव आ पहुंचा.
देर रात तक मशाल लेकर सड़कों पर घूमते रहे ग्रामीण
वहीं, हाथियों को गांव से दूर भगाने के लिए भगाने के लिए ग्रामीण और वन विभाग के कर्मचारी देर रात तक मशाल लेकर गांव और आसपास की सड़कों पर घूमते रहे. इस दौरान हाथियों के झुंड ने केसडा कब्रिस्तान की बाउंड्री तोड़ दी. इसके बाद त्रिलोकी मिस्त्री, पिता श्यामलाल मिस्त्री की बारी की बाउंड्री को कई जगह से क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों ने वहां लगे केले के पौधों को भी नुकसान पहुंचाया. इसके अलावा बारी में लगी मकई, बादाम और लाहर की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया.
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कई ग्रामीणों के बारी में लगी फसल किया बर्बाद
इतना ही नहीं हाथियों ने चेतलाल मिस्त्री की बारी में भी जमकर उत्पात मचाया. बारी में लगी मकई, बादाम, भिंडी और हल्दी की फसल को हाथियों ने रौंद दिया. वहीं सरजू मिस्त्री, पिता परमेश्वर मिस्त्री की बाउंड्री को तोड़कर हाथियों ने मकई, लाहर, बादाम समेत अन्य फसलों को भी बर्बाद कर दिया.
हाथियों के गांव में पहुंचने और लगातार उत्पात मचाने से ग्रामीण पूरी रात दहशत के साये में रहे. ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के झुंड के कारण गांव में डर का माहौल बना हुआ है ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का तत्काल आकलन कराने और प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है. साथ ही हाथियों के झुंड को गांव और आबादी वाले क्षेत्रों से दूर रखने के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील की है.
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