हजारीबाग के इस गांव में एक साथ आ धमके 15 जंगली हाथी, फिर क्या-क्या हुआ, पढ़ें

Hazaribagh News: गांव में तबाही मचाने के बाद जंगली हाथियों का झुंड राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिनकरवा पहुंचा. यहां 2 दरवाजे, 2 खिड़कियों, टेबल और बक्सा को क्षतिग्रस्त कर दिया. मध्याह्न भोजन के लिए विद्यालय में रखे चावल भी खा गये. बिनकरवा में जंगली हाथियों के उत्पात मचाने के बाद 18 जून को मुखिया ब्रज बिहारी महतो और वनरक्षी पवन कुमार घटनास्थल पर पहुंचे. लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनायी.

Hazaribagh News| चरही (हजारीबाग), आनंद सोरेन: हजारीबाग जिले के चुरचू प्रखंड के चुरचू थाना क्षेत्र की चनारो पंचायत में ग्राम चिचिकला टोला बिनकरवा में 15 जंगली हाथियों के झुंड ने बिनकरवा गांव में जमकर उत्पात मचाया. 3 घरों को तोड़ दिया. मकान टूटने की वजह से एक महिला दीवार के नीचे दब गयी. गंभीर रूप से घायल इस महिला का सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है.

एक साथ गांव में आ धमका 15 हाथियों का झुंड

स्थानीय लोगों ने बताया कि 17 जून को देर शाम करीब 8 बजे सदर प्रखंड से बिनकरवा गांव में 15 हाथियों का झुंड पहुंचा. जंगली हाथियों ने 8:30 बजे से रात के 12:00 बजे तक गांव में उत्पात मचाया. सबसे पहले बिनकरवा गांव में एक घर को ध्वस्त किया. इस घर में एक महिला दीवार के नीचे दब गयी. मंती मुर्मू पिता मोतीराम मुर्मू घर में अकेली सोयी थी.

हाथियों के झुंड ने इस घर को कर दिया ध्वस्त. फोटो : प्रभात खबर

ध्वस्त घर की दीवार के नीचे दबी मिली मंती मुर्मू

इस घर को ध्वस्त करने के बाद हाथी आगे बढ़ गये. ग्रामीणों ने ध्वस्त घर को देखा, तो महिला मंती मुर्मू दबी मिली. उनके सिर में गंभीर चोट आयी है. ग्रामीणों के सहयोग से तुरंत उन्हें निकाला गया. इसके बाद उचित इलाज के लिए सदर अस्पताल हजारीबाग रेफर कर दिया गया. उसकी स्थिति गंभीर बनी हुई है.

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3.5 क्विंटल चावल चट कर गये जंगली हाथी

हाथियों के झुंड ने बिनकरवा गांव के ही बाबूलाल टुडू पिता स्व चुनकु टुडू के घर के साथ-साथ 8 एस्बेस्टस, 2 कुर्सी, एक दरवाजा, एक बक्सा समेत कई चीजों को क्षतिग्रस्त कर दिया. हाथियों का झुंड 3.5 क्विंटल चावल भी खा गया. बिनकरवा गांव के ही बबन मुर्मू पिता स्व मानाराम मांझी के घर को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. कई अन्य चीजों को भी बर्बाद कर दिया.

स्कूल में रखे मध्याह्न भोजन का राशन भी खा गये

गांव में तबाही मचाने के बाद जंगली हाथियों का झुंड राजकीय प्राथमिक विद्यालय बिनकरवा पहुंचा. यहां 2 दरवाजे, 2 खिड़कियों, टेबल और बक्सा को क्षतिग्रस्त कर दिया. मध्याह्न भोजन के लिए विद्यालय में रखे चावल भी खा गये.

रात में ली गयी हाथियों की तस्वीर. फोटो : प्रभात खबर

रात के 1 बजे चिचिकला गांव पहुंचा हाथियों का झुंड

हाथियों का झुंड बिनकरवा से रात करीब 1:00 बजे चिचिकला गांव पहुंच गये. वहां मनोज राम पिता स्व छत्रधारी राम के रसोई घर घर को क्षतिग्रस्त कर दिया. तारकेश्वर महतो की खेत मे लगी मकई की फसल को नष्ट कर दिया. धनेश्वर महतो पिता स्व खूनी महतो की आम, केला और मकई की फसल को बर्बाद कर दिया. उसी गांव के मुरली महतो पिता स्व शंभु महतो की बाउंड्री तोड़ दी. इसके बाद सुबह 4:00 बजे के आसपास चिचिकला गांव राजकीय मध्य विद्यालय का दरवाजा तोड़कर विद्यालय में रखे चावल, दाल, आलू और राशन के अन्य सामान खा गये.

Hazaribagh News: बिनकरवा गांव पहुंचे मुखिया और वनरक्षी

बिनकरवा में जंगली हाथियों के उत्पात मचाने के बाद 18 जून को मुखिया ब्रज बिहारी महतो और वनरक्षी पवन कुमार घटनास्थल पर पहुंचे. दोनों ने हाथियों की वजह से हुए नुकसान का जायजा लिया. उधर, घायल महिला मंती मुर्मू के परिजनों और अन्य किसानों ने वन विभाग से मुआवजे की मांग की है.

हथियारी जंगल में जमा है हाथियों का झुंड

बिनकरवा और चिचिकला गांव में उत्पात मचाने के बाद जंगली हाथियों का यह झुंड 18 जून 2025 (बुधवार) को दिन में हथियारी जंगल पहुंच गया. समाचार लिखे जाने तक यह झुंड वहीं जमा था.

जायजा लेने पहुंचे वनरक्षी और मुखिया के साथ बात करते ग्रामीण. फोटो : प्रभात खबर

वन विभाग के उदासीन रवैये से ग्रामीण नाराज

रात को बिनकरवा और चिचिकला गांव में जब हाथी उधम मचा रहे थे, तब ग्रामीणों ने वन विभाग चरही को जानकारी दी. रात में वन विभाग ने हाथियों को रोकने की कोई पहल नहीं की. कोई गांव तक नहीं आया. 18 जून के दिन को 11 बजे एक वनरक्षी पवन कुमार पहुंचे. लोगों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनायी.

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Author: Mithilesh Jha

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