हजारीबाग से आरिफ की रिपोर्ट
JAC Inter Result: हजारीबाग से एक अहम शैक्षणिक रिपोर्ट सामने आई है, जहां झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) द्वारा जारी इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 के परिणाम में जिला अपेक्षाकृत पीछे रह गया है. मैट्रिक परीक्षा के बाद अब 12वीं के परिणाम में भी हजारीबाग का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा. तीनों संकाय—साइंस, कॉमर्स और आर्ट्स—में जिले की रैंकिंग राज्य स्तर पर उम्मीद से कम रही है, जिससे शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं.
तीनों संकाय में फिसली रैंकिंग
राज्य स्तरीय रैंकिंग की बात करें तो आर्ट्स संकाय में हजारीबाग को 10वां स्थान मिला है. कॉमर्स में जिला 9वें स्थान पर रहा, जबकि साइंस में अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन करते हुए छठा स्थान हासिल किया गया. हालांकि यह सुधार आंशिक है, लेकिन समग्र रूप से जिले की स्थिति अन्य जिलों की तुलना में कमजोर ही मानी जा रही है.
परसेंटेज में आर्ट्स आगे, साइंस पीछे
यदि पास प्रतिशत की बात करें तो आर्ट्स संकाय में सबसे अधिक 97.41 प्रतिशत छात्र-छात्राएं सफल हुए हैं. कॉमर्स में 96.25 प्रतिशत विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की है, जबकि साइंस में यह आंकड़ा सबसे कम 87.99 प्रतिशत रहा. यह दर्शाता है कि विज्ञान संकाय में छात्रों को अपेक्षाकृत अधिक चुनौतियों का सामना करना पड़ा.
साइंस संकाय 7865 छात्रों ने दी थी परीक्षा
साइंस में कुल 7865 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 6921 सफल हुए. प्रथम श्रेणी में 6272 विद्यार्थियों ने सफलता हासिल की, जबकि 649 छात्र-छात्राएं द्वितीय श्रेणी में पास हुए. यह आंकड़े यह बताते हैं कि भले ही पास प्रतिशत कम रहा, लेकिन गुणवत्ता के स्तर पर कई विद्यार्थियों ने अच्छा प्रदर्शन किया है.
कॉमर्स और आर्ट्स का प्रदर्शन
कॉमर्स संकाय में 1254 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 1207 सफल हुए. प्रथम श्रेणी में 762, द्वितीय श्रेणी में 438 और तृतीय श्रेणी में 7 विद्यार्थियों ने परीक्षा पास की. वहीं, आर्ट्स में सबसे अधिक 15308 छात्र-छात्राएं शामिल हुए, जिनमें से 14913 ने सफलता प्राप्त की. इसमें 7012 प्रथम श्रेणी, 7518 द्वितीय श्रेणी और 383 तृतीय श्रेणी में पास हुए.
शिक्षा विभाग की प्रतिक्रिया
जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) प्रवीण रंजन ने परिणाम को ‘सम्मानजनक’ बताया है. उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों, शिक्षकों और अभिभावकों की मेहनत का परिणाम सामने आया है. हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि जिले को और बेहतर करने की जरूरत है. डीईओ ने सभी सफल विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की.
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पढ़ाई में सुधार की जरूरत
हजारीबाग के इस प्रदर्शन ने यह स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के क्षेत्र में अभी और प्रयासों की आवश्यकता है. विशेष रूप से साइंस और कॉमर्स में गुणवत्ता सुधारने की जरूरत है. शिक्षकों की ट्रेनिंग, बेहतर संसाधन और छात्रों को सही मार्गदर्शन देकर ही भविष्य में बेहतर परिणाम हासिल किए जा सकते हैं. जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग को इस दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे ताकि आने वाले वर्षों में हजारीबाग अपनी स्थिति में सुधार कर सके.
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