Hazaribagh Crime News, हजारीबाग : हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत पौता गांव से लापता तीन युवाओं का अंत बेहद दर्दनाक रहा. सोमवार की शाम करीब तीन बजे पौता-डेमोटांड जंगल के समीप कोनार नदी से दो युवतियों और एक युवक का शव बरामद किया गया. मृतकों की पहचान खुशी परवीन (पौता), सानिया परवीन (मंडई) और मो. आदिल हुसैन (सुलताना) के रूप में हुई है. शवों की स्थिति देखकर इलाके में दहशत का माहौल है, बताया जा रहा है कि एक मृतका के सिर पर बाल तक नहीं थे.
शादी की तैयारियों के बीच छाया मातम
जानकारी के अनुसार, मृतका खुशी परवीन का निकाह अगले महीने मई में होना तय हुआ था. इसी सिलसिले में उसने अपनी ममेरी बहन सानिया और रिश्तेदार आदिल को घर बुलाया था. 23 अप्रैल को तीनों बगीचे में आम तोड़ने निकले थे, जिसके बाद से वे घर नहीं लौटे. परिजनों ने 24 अप्रैल को मुफस्सिल थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था.
पुलिस पर लगे गंभीर आरोप: “पैसे लिए और गुमराह किया”
मृतका खुशी के भाई शाहिद अंसारी ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि पुलिस ने खोजबीन के नाम पर उनसे 4500 रुपये लिए और बाद में यह कहकर गुमराह कर दिया कि “बच्चे सुरक्षित हैं और अजमेर शरीफ पहुंच गए हैं.” परिजनों का यह भी कहना है कि एक तथाकथित यूट्यूबर और दलाल ने बच्चों को खोजने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की थी. जहां से शव मिले, वहां ग्रामीण पहले भी खोजबीन कर चुके थे, लेकिन तब वहां कुछ नहीं मिला था, जिससे मामला संदिग्ध लग रहा है.
एसपी ने बैठाई जांच: प्रेम प्रसंग का भी अंदेशा
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अमन कुमार ने जांच के आदेश दिए हैं. एडीशनल एसपी अमित कुमार और एसडीपीओ अमित आनंद को पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा सौंपा गया है. एसपी ने जांच में मिले शुरुआती जानकारी के आधार पर बताया कि मृतकों में से एक युवक और युवती आपस में शादी करना चाहते थे. पुलिस अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता चल सके.
