हजारीबाग: हजारीबाग के इचाक थाना क्षेत्र के देवकुली गांव में मकई की बाली तोड़ने को लेकर शुरू हुआ विवाद मारपीट में बदल गया. मारपीट में सुनील ठाकुर की मौत हो गयी. घटना शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे की बतायी जा रही है. घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है.
परिजनों के अनुसार, सुनील ठाकुर के बड़े भाई सुरेश ठाकुर ने अपने बारी में मकई की फसल लगायी थी. फसल में से कुछ मकई की बालियां टूटे मिलने को लेकर सुरेश ठाकुर की पत्नी ने सुनील ठाकुर के बच्चों पर चोरी-छिपे मकई तोड़ने का आरोप लगाया और गाली-गलौज करने लगी. इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया.
आरोप है कि इसी दौरान सुरेश ठाकुर के छोटे बेटे छोटू ठाकुर ने अपने चाचा सुनील ठाकुर के साथ मारपीट की. मारपीट के बाद सुनील की तबीयत बिगड़ गयी और वह बेहोश हो गये. ग्रामीणों और पड़ोसियों की मदद से उन्हें तत्काल इलाज के लिए हजारीबाग अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.
पुलिस ने शव का कराया पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलने के बाद इचाक पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया. पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
ग्रामीणों के अनुसार, विवाद के दौरान सुनील ठाकुर की बेटियों के साथ भी मारपीट की गयी. घटना के समय सुनील की पत्नी घर पर मौजूद नहीं थीं. पति की मौत की सूचना मिलने के बाद वह हजारीबाग अस्पताल पहुंचीं.
पांच बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
सुनील ठाकुर की मौत से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. मृतक के तीन बेटियां और दो बेटे हैं. पिता की मौत के बाद पांचों बच्चों के सिर से पिता का साया उठ गया है. पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है.
बताया गया कि सुनील ठाकुर परिवार के इकलौते कमाऊ सदस्य थे और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे. उनकी मौत के बाद पत्नी और पांच बच्चों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है. वहीं, घटना से देवकुली गांव के लोग भी स्तब्ध हैं और पूरे गांव में शोक का माहौल है.
