पुलिस की कार्रवाई तब हुई जब पेट्रोलिंग के दौरान एक स्कार्पियो बेरियर तोड़कर तेज गति से भागी. सूचना पर त्वरित छापामारी की गयी और गदोखर मोड़ के पास वाहन को रोक लिया गया. पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे महंगी गाड़ियों की चोरी कर शराब माफियाओं को उपलब्ध कराते थे. उन्होंने खुलासा किया कि हजारीबाग और रामगढ़ से अब तक दस स्कार्पियो चोरी कर बिहार के शराब तस्करों को बेचा है.
चोरी की घटनाएं जून 2025 से फरवरी 2026 तक अलग-अलग गांवों और थाना क्षेत्रों से हुईं. इनमें कटकमदाग, मंडई, चरही, सिलवार, अमनारी, रामगढ़ झरना मोड़, होटल स्पाईसी विला, बरगड़ा और तिलैया गांव शामिल हैं.आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी गंभीर है. विकास कुमार पर पलामू में तीन मामले दर्ज हैं. यशरब अली पर झारखंड-बिहार के विभिन्न थानों में दस मामले, विवेक कुमार पर औरंगाबाद में सात मामले, जितेंद्र कुमार मेहता पर हजारीबाग और गया में तीन मामले तथा मो. जोनी पर रांची में एक मामला दर्ज है.
