हजारीबाग. चार महीने बाद डीइओ ने स्नातक प्रशिक्षित शिक्षक विकास कृष्ण को सस्पेंड कर दिया है. इस संबंध में सात अक्तूबर को कार्यालय आदेश जारी हुआ है. मामला जिले के चुरचू प्रखंड स्थित पीएम श्री उत्क्रमित प्लस टू उवि से जुड़ा है. डीइओ ने बताया कि निलंबन अवधि के दौरान शिक्षक का मुख्यालय जिला शिक्षा पदाधिकारी का कार्यालय होगा. जहां उन्हें कार्य दिवस के दिन नियमित समय पर उपस्थिति दर्ज करानी होगी. निलंबन अवधि में उपस्थिति विवरणी के आधार पर निलंबन भत्ता का भुगतान मिलेगा. वहीं, आरोप पत्र अलग से निर्गत होगा. क्या है मामला : स्कूल की एक दर्जन से अधिक नौवीं की छात्राओं ने जुलाई 2025 को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह को आवेदन देकर अंग्रेजी के शिक्षक विकास कृष्ण पर अश्लील एवं घिनौनी हरकत करने का आरोप लगाया था. शिकायत पर गंभीरता दिखाते हुए उपायुक्त ने डीइओ से जांच कर रिपोर्ट मांगी. डीइओ ने बीइइओ को जांच की जिम्मेवारी दी. बीइइओ की जांच में प्रथम दृष्टया छात्राओं के आरोप सही मिले. इसी आधार पर डीइओ ने अपने स्तर से स्कूल पहुंचकर मामले की जांच की. इसके बाद एक अगस्त को पत्र जारी कर आरोपी शिक्षक से स्पष्टीकरण मांगा. शिक्षक की ओर से छह अगस्त को स्पष्टीकरण समर्पित किया गया. डीइओ प्रवीण रंजन ने कहा कि शिक्षक द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण रिपोर्ट से छात्राओं के आरोप की पुष्टि हुई है. छात्राओं के कंधे पर हाथ रख शाबाशी देना, दुपट्टे में हाथ पोंछना और डेस्क पर बैठकर पढ़ाना शिक्षक आचार संहिता के प्रतिकूल है. वहीं, गुरु-शिष्य के रिश्तों को कलंकित करने जैसा है.
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