हजारीबाग. भाकपा माओवादी एवं नक्सलियों से झारखंड को मुक्त कराने के लिए चलाये जा रहे अभियान के तहत सोमवार को हजारीबाग पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. पुलिस ने भाकपा माओवादी संगठन के पूर्व जोनल कमांडर सुनील गंझू को बड़कागांव थाना क्षेत्र के जोराकाठ से गिरफ्तार किया है. यह जानकारी एसपी अंजनी अंजन ने दी. उन्होंने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रिजनल जोनल कमांडर सहदेव महतो एवं सब जोनल कमांडर नताशा अपने सदस्यों के साथ बड़कागांव थाना क्षेत्र में भ्रमणशील हैं और ग्राम जोराकाठ में लेवी लेने के लिए आनेवाले हैं. सूचना मिलते ही एएसपी अमित आनंद के नेतृत्व में टीम का गठन कर जोराकाठ के इलाके को घेर लिया गया. इस क्रम में चार-पांच संदिग्ध व्यक्ति भागने लगे. पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार करने के लिए घेराबंदी की. एक व्यक्ति जिसके हाथ में झोला था, पुलिस उसे पकड़ने में सफल रही. पकड़े गये व्यक्ति ने अपना नाम सुनील गंझू, पिता का नाम स्व जमल गंझू व पता सिमरातरी, पत्थलगड्डा, चतरा बताया. तलाशी के क्रम में उसके झोला से नक्सली लेटर पैड और परचा बरामद किया गया. उसने पूछताछ में बताया कि वह लोग चार-पांच की संख्या में एक साथ चलते हैं. हजारीबाग और चतरा जिले की कोल कंपनियों, ठेकेदारों और कोयला व्यापारियों से संगठन विस्तार के लिए लेवी वसूलने का काम करते हैं.
1990 में संगठन में शामिल हुआ :
एसपी ने बताया कि सुनील गंझू को 1993 में ग्राम डांटो, थाना कटकमसांडी में पुलिस मुठभेड़ में पैर में गोली लगी थी. 1998 में जेल से निकलने के बाद वह पुन संगठन में शामिल हो गया. वह केरेडारी के ग्राम बेलतू के नरसंहार की घटना में शामिल था. 2004 में पुलिस ने उसे केरेडारी से गिरफ्तार कर जेल भेज था. सुनील गंझू पर अलग-अलग थाने में 54 मामले दर्ज हैं. 2018 में सजा खत्म होने के बाद वह जेल से बाहर आया और दुबारा संगठन में शामिल हो गया था. एसपी ने बताया कि सुनील गंझू वर्तमान में उत्तरी छोटानागपुर के रिजनल जोनल कमांडर सहदेव महतो एवं सब जोनल कमांडर नताशा की टीम में सक्रिय था.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
