यातायात नियमों के पालन से बचेगी जान
कार्यशाला में मोटर यान निरीक्षक ने कहा
चौपारण. प्रखंड सभागार में शुक्रवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ. इसमें सड़क दुर्घटना की रोकथाम, यातायात नियमों के पालन तथा घायलों को समय पर सहायता से जुड़े प्रावधानों की जानकारी दी गयी. जिला मोटरयान निरीक्षक विरशु कुमार सिंह ने कहा कि हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग किसी दंड के भय से नहीं, बल्कि अपनी जान की सुरक्षा के लिए अनिवार्य है. अधिकांश सड़क दुर्घटनाओं में जान केवल इसलिए चली जाती है, क्योंकि लोग बुनियादी यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं. श्री सिंह ने बताया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को स्वर्णावधि (गोल्डन आवर) के भीतर अस्पताल पहुंचाकर उसकी जान बचाने वाले व्यक्ति को 2000 की नकद प्रोत्साहन राशि दी जायेगी. वहीं विशेष रूप से सराहनीय कार्य करने वालों को 5000 तक का पुरस्कार देने का प्रावधान है. दो योजनाओं में एक लाख तक मुआवजा : आइटी असिस्टेंट अरविंद कुमार ने बताया कि सड़क दुर्घटनाओं में मुआवजा आपदा मोचन योजना एवं हिट एंड रन योजना के तहत दिया जायेगा. दोनों ही योजनाओं में पीड़ित या उनके आश्रितों को एक लाख तक की सहायता राशि उपलब्ध करायी जाती है. इसके लिए आवश्यक दस्तावेज अंचलाधिकारी के कार्यालय में जमा करना होगा. डीएसपी अजित कुमार विमल ने कहा कि सड़क दुर्घटना में पीड़ितों की मदद करने वाले नागरिकों से किसी प्रकार की अनावश्यक पूछताछ नहीं की जायेगी. सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को बिना भय के सहयोग करें. सड़क इंजीनियर सारिक इकबाल ने कहा कि सड़क दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले लोगों को चिह्नित कर सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया जायेगा. ताकि समाज में मानवीय संवेदना और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिले. कार्यशाला में एसडीओ जोहन टुडू, बीडीओ नितेश भास्कर, सीओ संजय यादव, मुखिया संघ अध्यक्ष वीरेंद्र रजक, पूर्व मुखिया शंभु नारायण सिंह सहित कई लोग शामिल थे.
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