विशेषज्ञों ने विभावि के नये पाठ्यक्रम पर दिये सुझाव

नयी शिक्षा नीति 2020 अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम को लेकर उच्च स्तरीय बैठक

हजारीबाग. विनोबा भावे विश्वविद्यालय में नयी शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम पर चर्चा के लिए तीन दिवसीय उच्च स्तरीय बैठक सोमवार को विवेकानंद सभागार में शुरू हुई. अध्यक्षता कुलपति प्रो चंद्र भूषण शर्मा ने की, संचालन नोडल पदाधिकारी डॉ इंद्रजीत कुमार ने किया. बैठक में देशभर के विभिन्न विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञ शामिल हुए. इनमें योगसरिता लिमिटेड, नयी दिल्ली की संस्थापक निदेशक सरिता शर्मा, दिल्ली विवि के मनोवैज्ञानिक काउंसलर प्रो नवीन कुमार, इग्नू के स्कूल ऑफ एजुकेशन के डॉ वेंकटेश्वरलू, प्रो निराधार दे, तेजपुर विवि असम के डॉ सशापरा चक्रवर्ती एवं डॉ मोहम्मद आसिफ, साउथ बिहार सेंट्रल यूनिवर्सिटी गयाजी के डॉ तरुण कुमार त्यागी, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ झारखंड के डॉ अपर्णा, कृषि विशेषज्ञ एवं अकाल भारत अभियान के राष्ट्रीय संयोजक डॉ ललन शर्मा तथा इंडियन योग एसोसिएशन झारखंड इकाई के सचिव अमित कुमार शामिल थे. विशेषज्ञों ने स्नातक पाठ्यक्रम को और अर्थपूर्ण बनाने के लिये सुझाव दिये. डॉ इंद्रजीत कुमार ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से वर्तमान एवं प्रस्तावित पाठ्यक्रम की जानकारी दी. बैठक में विभावि के विभिन्न विषयों के 17 शिक्षक एवं प्राचार्य भी उपस्थित रहे.

नयी शिक्षा नीति सफलतापूर्वक लागू होगी : कुलपति

कुलपति ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से नये पाठ्यक्रम लागू हैं, लेकिन प्रारंभ में अनुभव नहीं था. अब समीक्षा कर यह तय किया जायेगा कि किन विषयों को विद्यार्थियों ने पसंद किया, किनमें सुधार की आवश्यकता है और कौन से नये पाठ्यक्रम जोड़े जा सकते हैं. अगले दो दिनों में इन बिंदुओं पर गहन विमर्श होगा. उन्होंने कहा कि हर हाल में नयी शिक्षा नीति 2020 को सफलतापूर्वक लागू किया जायेगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: SUNIL PRASAD

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >