हजारीबाग. शहरी जलापूर्ति व्यवस्था से जुड़े वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में सफाई कार्य शुरू होने के कारण शहरवासियों को आने वाले दिनों में कम पानी मिलने की आशंका है. नगर निगम के अनुसार प्लांट की नियमित सफाई और तकनीकी रख रखाव जरूरी हो गया था, ताकि भविष्य में लोगों को बेहतर गुणवत्ता युक्त पानी उपलब्ध कराया जा सके. हालांकि इस सफाई कार्य का सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है. तीन जनवरी से शहरवासियों को प्रतिदिन मात्र 20 से 30 लीटर पानी ही मिल पा रहा है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. खासकर सुबह और शाम के समय जलापूर्ति प्रभावित हो रही है. नगर निगम ने लोगों से सहयोग की अपील तो की है, लेकिन सफाई के दौरान पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं किये जाने से सवाल भी खड़े हो रहे हैं. नगर निगम क्षेत्र में 5000 से अधिक घरेलू जल कनेक्शन हैं. शहरवासियों को छड़वा डैम से पानी की आपूर्ति की जाती है. पुराना बस स्टैंड, संत जेवियर, संत कोलंबस, बिहार दुर्गा मंडप, छठ तालाब और झील क्षेत्र में बने पानी टावरों के माध्यम से घरों तक पानी पहुंचता है. वर्तमान में शहर में प्रतिदिन लगभग आठ एमएलडी पानी की आपूर्ति की जाती है. छड़वा डैम स्थित शहरी जलापूर्ति वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के डिसिल्टिंग टैंक की सफाई करीब एक साल बाद की जा रही है. इधर, हजारीबाग नगर निगम के सिटी मैनेजर अरुण बाउरी ने कहा कि डिसिल्टिंग टैंक की सफाई में करीब 15 दिन का समय लग सकता है. इस अवधि में जलापूर्ति सामान्य होने में समय लगेगा. ऐसे में शहरवासियों को कुछ दिनों तक जल संकट से जूझना पड़ सकता है.
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