विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए ग्रामीण विकास अनिवार्य : कुलपति
ग्रामीण रोजगार, श्रम सुधार और ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर हुआ संवाद
हजारीबाग. शहर के होटल कैनरी इन में जिले के पत्रकारों के साथ वार्तालाप कार्यक्रम किया गया. कार्यक्रम भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पीआइबी), रांची द्वारा आयोजित था. कार्यक्रम का उद्देश्य केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं और राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर मीडिया के साथ संवाद स्थापित करना था. कार्यक्रम में विकसित भारत रोजगार आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण)–भीबी जीआरएएम जी 2025, चार नयी श्रम संहिता, 2025 तथा राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूर्ण होने पर उसके ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व पर चर्चा हुई. मुख्य अतिथि विभावि के कुलपति प्रो डॉ सीबी शर्मा ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य के लिए ग्रामीण विकास अनिवार्य है. विशिष्ट अतिथि टीवीके रेड्डी ने ग्रामीण पत्रकारों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए भीबी जीआरएएम जी 2025 को रोजगार सृजन का प्रभावी पहल कहा. पीआइबी रांची के कार्यालय प्रमुख राजेश सिन्हा ने कहा कि ऐसे संवाद कार्यक्रम सरकार और मीडिया के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं. योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सहायक हैं. डॉ मृत्युंजय मयंक ने नये श्रम कानूनों की जानकारी दी, वहीं शंभुनाथ तिवारी ने ‘वंदे मातरम्’ के राष्ट्रीय महत्व पर प्रकाश डाला. कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र हुआ और प्रतिभागियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किये गये.
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