हजारीबाग: शहर की जर्जर सड़कों को लेकर लोगों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है. नगर निगम क्षेत्र की मुख्य सड़कें भी जगह-जगह टूट चुकी हैं. जिला बोर्ड चौक से सदर अस्पताल के बीच करीब 150 से अधिक जगहों पर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गयी है. सड़क की गिट्टी बाहर निकल आयी है और कई जगह नीचे की मिट्टी भी दिखाई देने लगी है.
बारिश के बाद स्थिति और खराब हो गयी है. सड़क के गड्ढों में पानी भर जाने से वाहन चालकों को उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता. जिला प्रशासन की ओर से गड्ढों को भरने के लिए अस्थायी तौर पर पेवर ब्लॉक डाले गये हैं, लेकिन कई जगह पेवर ब्लॉक सड़क पर बिखर गये हैं. इससे खासकर दोपहिया वाहन चालकों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बढ़ गया है.
एक दिन में 18 टोटो-ऑटो और बाइक पलटने का दावा
इंद्रपुरी चौक से सदर अस्पताल के बीच सड़क की स्थिति सबसे खराब बतायी जा रही है. स्थानीय लोगों के अनुसार मंगलवार सुबह से दोपहर करीब तीन बजे तक करीब 18 टोटो, ऑटो और मोटरसाइकिल गड्ढों के कारण पलट गये.
स्थानीय लोगों की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को उठाकर सड़क से हटाया गया. हालांकि इन घटनाओं में किसी व्यक्ति को गंभीर चोट नहीं आयी. कुछ लोगों को हल्की चोटें लगने की बात कही गयी है. लोगों का कहना है कि सड़क की स्थिति जल्द नहीं सुधरी, तो किसी दिन बड़ा हादसा हो सकता है.
मरीजों के लिए भी परेशानी का रास्ता
जिला बोर्ड चौक से सदर अस्पताल की ओर जाने वाला यह मार्ग शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचने का प्रमुख रास्ता है. प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज और उनके परिजन इसी सड़क से अस्पताल आते-जाते हैं.
इसके अलावा सब्जी बाजार और शहर के अन्य हिस्सों में आने-जाने वाले लोग भी इस मार्ग का इस्तेमाल करते हैं. सड़क पर जगह-जगह बने गड्ढों के कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
थाली बजाकर सड़क की बदहाली का विरोध
जर्जर सड़कों के खिलाफ मंगलवार को युवा नेता सच्चिदानंद पांडेय ने अनोखे तरीके से विरोध जताया. वह बड़ी बाजार जाने वाली खराब सड़क पर थाली लेकर पहुंचे और थाली बजाकर लोगों को सड़क की स्थिति के प्रति जागरूक किया.
सच्चिदानंद पांडेय ने आरोप लगाया कि सांसद, विधायक और नगर निगम प्रशासन शहर की समस्याओं को लेकर सोया हुआ है. उन्होंने कहा कि अब जनता को जागना होगा और अपनी समस्याओं के लिए खुद आवाज उठानी होगी.
उन्होंने कहा कि हजारीबाग की पहचान अब गड्ढों वाले शहर के रूप में होने लगी है. जनप्रतिनिधियों पर विकास के बड़े-बड़े दावे करने के बावजूद सड़क जैसी बुनियादी समस्या का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया. उन्होंने सांसद और विधायक की कार्यशैली पर भी सवाल उठाये.
प्रदर्शन में किशुन पांडेय, शशि सिंह, परवेज आलम, नवीन प्रकाश, पप्पू खान, रामकुमार राम, दिलीप यादव, अरविंद कुमार, आनंद सिंह, अरविंद शर्मा और अरुण सिन्हा समेत कई लोग शामिल हुए. सड़क से गुजर रहे कई लोग भी रुककर प्रदर्शन में शामिल हुए.
