जैप-सात बटालियन का स्थापना दिवस मना
शहीद जवानों के परिजन को डीआइजी ने सम्मानित किया
पदमा. पदमा में स्थापित झारखंड सशस्त्र पुलिस (जैप) की सातवीं बटालियन का 30वां स्थापना दिवस मनाया गया. मुख्य अतिथि पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्तिक एस तथा विशिष्ट अतिथि डीआइजी अंजनी झा, हजारीबाग एसपी अंजनी अंजन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रौशन गुड़िया और सेवानिवृत्त आइजी दीपक वर्मा थे. जैप-सात के कमांडेंट अविनाश कुमार ने अतिथियों को प्रतीक चिह्न व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया. समारोह के दौरान जैप-सात के जवानों के परेड का निरीक्षण मुख्य अतिथि कार्तिक एस और कमांडेंट अविनाश कुमार ने किया. कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय की छात्राओं की बैंड पार्टी और लोकगीतों पर सांस्कृतिक नृत्य ने सभी का मन मोह लिया. डीआइजी कार्तिक एस ने कहा कि सीमित संसाधनों में भी बेहतर आयोजन सराहनीय है. वे स्वयं इस वाहिनी के समादेष्टा रह चुके हैं और उनके कार्यकाल में ही जैप-7 को पदमा में स्थायी रूप से स्थानांतरित करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी. उन्होंने जवानों के साहस और बलिदान की सराहना करते हुए वार्षिक स्वास्थ्य जांच की व्यवस्था पर बल दिया. इस अवसर पर जैप-7 के शहीद जवान आरक्षी सुलेमान कुजूर और अमरेंद्र कुमार के परिजनों को सम्मानित किया गया. कमांडेंट अविनाश कुमार ने बताया कि 1996 में स्थापित जैप-7 के अब तक 23 जवान शहीद हो चुके हैं, जिन्होंने दर्जनों उग्रवादियों को मार गिराया है. उन्होंने भूमि अधिग्रहण, बैंड पार्टी गठन और आधारभूत संरचना विस्तार की जानकारी दी. कार्यक्रम का समापन उपाधीक्षक राजेंद्र दुबे ने किया. मौके पर डीएसपी अजीत कुमार विमल, ओपी थाना प्रभारी संचित कुमार उपस्थित थे.
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